Tripura- Pratima Bhowmik with PM Modi
- फोटो : Agency (File Photo)
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को राज्यपाल सत्यदेव नारायण से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने नई सरकार के गठन पर कोई बात नहीं कही है। इससे त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें बढ़ गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला दिवस (8 मार्च) पर त्रिपुरा में किसी महिला को मुख्यमंत्री बना सकते हैं। इसे भाजपा को अभूतपूर्व रूप से मिल रहे महिला मतदाताओं के समर्थन का परिणाम बताया जा रहा है। इस समय भाजपा शासित राज्यों में एक में भी महिला मुख्यमंत्री नहीं है।
महिला मुख्यमंत्री के रूप में धनपुर सीट से जीतीं प्रतिमा भौमिक का नाम चर्चा में है। 'दीदी' के नाम से मशहूर प्रतिमा भौमिक को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा अपनी महिला मतदाताओं में विशेष संदेश दे सकती है। इससे पूरे देश की महिला मतदाताओं के बीच एक बेहतर संदेश दिया जा सकता है।
दरअसल, भाजपा ने त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के अंतिम वर्ष में विप्लब देब को हटाकर मानिक साहा को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था। माना गया था कि बेहद साफ-सुथरी छवि के मानिक साहा के कारण भाजपा को एंटी-इनकम्बेंसी फैक्टर को कमजोर करने में मदद मिली और भाजपा इस वामपंथी गढ़ में दोबारा सत्ता में आने में कामयाब रही। भाजपा गठबंधन को 60 सीटों वाले सदन में 33 सीटों पर सफलता मिली है।
महिला मतदाता बन रहीं भाजपा की शक्ति
माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी की महिला केंद्रित योजनाओं के कारण वे भाजपा की बड़ी समर्थक बनकर उभरी हैं, जिससे भाजपा को लगातार चुनावों में सफलता मिल रही है। एक्सिस माई इंडिया के एक सर्वे ने पाया था कि 2022 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पुरुषों के 44 फीसदी की बजाय 48 फीसदी महिला मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन दिया था। उत्तराखंड में 42 फीसदी पुरुषों के मुकाबले 46 फीसदी महिला मतदाताओं ने भाजपा को वोट दिया। इसी प्रकार मणिपुर विधानसभा चुनाव में 42 फीसदी महिला मतदाताओं ने भाजपा को वोट डाला था।