त्रिपुरा विधानसभा के निवर्तमान उपाध्यक्ष विश्वबंधु सेन शुक्रवार को 60 सदस्यीय सदन में 18 मतों के अंतर से नवगठित विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए। अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में 46 सदस्यों ने अपना मत किया। कांग्रेस विधायक गोपाल चंद्र रॉय विपक्षी कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और टिपरा मोथा के साझा उम्मीदवार थे। सेन के अध्यक्ष चुने जाने पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उनको बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्य विपक्षी टीआईपीए मोथा के सभी 13 सदस्यों ने मतदान से भाग नहीं लिया, जिससे विपक्षी दलों की एकजुटता को झटका लगा। रॉय की उम्मीदवारी का माकपा विधायक जितेंद्र चौधरी ने प्रस्ताव दिया था और टीआईपीआरए मोथा विधायक एवं विपक्ष के नेता अनिमेष देबबर्मा ने उनका समर्थन किया था।
प्रोटेम स्पीकर विनय भूषण दास ने सदन में मोथा विधायकों की अनुचित बैठक व्यवस्था पर विरोध जताते हुए गुप्त मतदान के माध्यम से चुनाव कराने की घोषणा की, जिसके विरोध में मोथा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। मतदान में सेन को 32 वोट मिले, जबकि रॉय को कांग्रेस और माकपा के विधायकों से केवल 14 वोट मिले। इससे पहले मोथा नेता ने रॉय की उम्मीदवारी का समर्थन किया था।