भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने त्रिपुरा में अपने मंडल स्तर के ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने 90 फीसदी नए चेहरों को मंडल समितियों का अध्यक्ष बनाया है। पुराने नेताओं की जगह नए चेहरों को जगह दी गई है। यह बदलाव 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटों में कमी आने के बाद किया गया है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की सीटें 36 से घटकर 32 रह गईं। पार्टी के एक नेता सोमवार को यह जानकारी दी।
भाजपा के मंडल अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया
पार्टी के मंडल अध्यक्षों के चयन के लिए पार्टी ने रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) समरेंद्र चंद्र देव ने सोमवार को 60 मंडल अध्यक्षों के नाम घोषित किए। उन्होंने बताया कि 'हमने विधानसभा क्षेत्रों के लिए मंडल अध्यक्षों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया की पार्टी के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व है। पार्टी का विश्वास सबका साथ-सबका विकास में है।
अनुसूचित जनजाति से 23 फीसदी नए मंडल अध्यक्ष
नए चुने गए मंडल अध्यक्षों में तीन फीसदी महिलाएं, 23 फीसदी अनुसूचित जनजाति (एसटी), 18 फीसदी अनुसूचित जाति (एससी) और 36 फीसदी सामान्य वर्ग के लोग हैं। देव ने कहा कि पार्टी ने मंडल अध्यक्ष पद के लिए आयु सीमा 45 वर्ष तय की है, ताकि युवा नेताओं को मौका मिल सके और संगठन को नई ताकत मिल सके।
नए चेहरों को मिली प्राथमिकता
भाजपा ने फैसला लिया कि 45 वर्ष से कम आयु वाले पार्टी कार्यकर्ता अब मंडल अध्यक्ष बनने के पात्र होंगे। इसके साथ ही, जिन लोगों ने पहले दो कार्यकाल पूरे किए थे, उन्हें इस बार मंडल अध्यक्ष बनने का मौका नहीं दिया गया। समरेंद्र चंद्र देव ने कहा, करीब 90 फीसदी नए चेहरों को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है। यह कदम संगठन को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दी बधाई
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सभी 60 विधानसभा क्षेत्रों के नए मंडल अध्यक्षों को बधाई दी। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, नए मंडल अध्यक्षों को बधाई। मुझे पूरा भरोसा है कि आपके सक्षम नेतृत्व में पार्टी और मजबूती मिलेगी।
11 लाख से अधिक ऑनलाइन सदस्य बने
भाजपा के त्रिपुरा प्रदेश सचिव अमित रक्षीत ने कहा कि पार्टी ने दिल्ली से निर्देश प्राप्त करने के बाद यह फैसला लिया कि युवा नेताओं को पार्टी की सेवा करने का उचित मौका दिया जाए। उन्होंने कहा, अक्तूबर में शुरू किए गए सदस्यता अभियान के तहत अब तक 11 लाख से अधिक लोग ऑनलाइन भाजपा के प्राथमिक और सक्रिय सदस्य बने हैं। इसके अलावा, 2 लाख से अधिक लोगों ने ऑफलाइन आवेदन करके पार्टी की सदस्यता हासिल की है।