त्रिपुरा विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजनीतिक पार्टियों के आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। अब राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी सीपीआई(एम) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्य में दरार पैदा करने का आरोपी लगाया है। राज्य के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने बीजेपी और उसके सहयोगी दल इंडिजिनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने के लिए समाज में दरार पैदा की जा रही है।
माणिक सरकार ने यहां एक रैली के संबोधन के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने कहा के पहले त्रिपुरा को राष्ट्रीय तौर पर अलग रखा जाता था, लेकिन अब राज्य को ही बांटने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा आईपीएफटी की ओर से अलग त्रिपुरालैंड की मांग इस बात का सबूत है।
माणिक सरकार ने बीजेपी ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन स्कीम को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश के विभाजन के समय जो हुआ था उसे साजिश के तहत त्रिपुरा में भी इस स्कीम के जरिए लागू करने की कोशिश की जा रही है।
संविधान के मुताबिक देश में रहने वाले हर नागरिक को बराबर अधिकार मिले हुए हैं, लेकिन बीजेपी सरकार देश को हिंदू राष्ट्र बनाने में जुटी हुई है। बता दें कि 60 विधानसभा सीटों वाले राज्य में 18 फरवरी को मतदान होना है। राज्य में करीब 25 साल से लेफ्ट पार्टी सीपीआई(एम) की सरकार हैं, लेकिन इस बार चुनावी मैदान की लड़ाई में कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है।