Tripura Election 2023: त्रिपुरा में इस बार कुल 259 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक से लेकर उप-मुख्यमंत्री जिष्णुदेव वर्मा जैसे कई बड़े नाम हैं जिनकी किस्मत दांव पर थी।
त्रिपुरा की सभी 60 सीटों के नतीजे आ गए हैं। यहां एक बार फिर भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। सरकार बनाने के लिए भाजपा के पास पर्याप्त बहुमत है। बता दें, राज्य में इस बार कुल 259 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक से लेकर उप-मुख्यमंत्री जिष्णुदेव वर्मा शामिल हैं। इन सभी की किस्मत का फैसला आज हो गया। आइए जानते हैं त्रिपुरा की पांच हॉट सीटों का गणित...
उम्मीदवार
सीट
रूझान
डॉ. माणिक साहा, भाजपा
टाउन बोरदोवाली
1257 वोट से जीते
जिष्णुदेव वर्मा, भाजपा
चारीलम
858 वोट से हारे
प्रतिमा भौमिक, भाजपा
धनपुर
3500 वोट से जीते
जितेंद्र चौधरी, सीपीआईएम
सबरूम
396 वोट से जीते
बिराजित सिन्हा, कांग्रेस
कैलाशहर
9686 वोट से जीते
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त्रिपुरा विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
1. टाउन बोरदोवाली: पश्चिमी त्रिपुरा जिले में पड़ने वाली इस सीट से मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा खुद चुनाव मैदान में थे। डॉ. साहा का सीधा मुकाबला कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन के आशीष कुमार साहा से था। उन्होंने इस सीज पर जीत हासिल की।
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
2. चारीलम: यहां से राज्य के उप-मुख्यमंत्री जिष्णुदेव वर्मा चुनाव मैदान में थे। जिष्णुदेव के खिलाफ कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन ने अशोक देबबर्मा को मैदान में उतारा था। अशोक कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। जिष्णुदेव को हार का सामना करना पड़ा है।
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
3. धनपुर: यहां से केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक चुनाव लड़ी थीं। प्रतिमा भौमिक त्रिपुरा की पहली महिला हैं, जिन्होंने आजादी के 75 साल के बाद केंद्रीय मंत्री का पद संभाला है। प्रतिमा भौमिक भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। वो त्रिपुरा से पहली केंद्रीय मंत्री और उत्तर पूर्व से दूसरी महिला केंद्रीय मंत्री हैं। प्रतिमा त्रिपुरा पश्चिम से लोकसभा सांसद भी हैं। इस चुनाव में भी उन्हें जीत मिली है।
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
4. सबरूम : दक्षिण त्रिपुरा की सबरूम विधानसभा सीट से इस बार कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस गठबंधन ने जितेंद्र चौधरी को मैदान में उतारा था। जितेंद्र सीपीआईएम के सबसे वरिष्ठ नेता हैं और मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं। जितेंद्र के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शंकर राय को अपना प्रत्याशी बनाया था। जितेंद्र भी अपना चुनाव जीतने में सफल रहे हैं।
5. कैलाशहर: उनाकोटी जिले में स्थित इस सीट से इस बार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बिराजित सिन्हा चुनाव लड़े। सिन्हा के खिलाफ भाजपा ने मोहम्मद मोबेशर अली उतारा है। अली त्रिपुरा में चुनाव लड़ रहे भाजपा के दो मुस्लिम चेहरों में शामिल थे। हालांकि, बिराजित सिन्हा ने जीत दर्ज की और अली को हार का सामना करना पड़ा।