हैदराबाद की रहने वाली एक महिला को उसके 62 वर्षीय पति ने व्हाट्सएप पर तीन तलाक दे दिया। 29 वर्षीय हुमा सायरा ने बताया, मेरी शादी मई 2017 में ओमान में रहने वाले व्यक्ति से हुई थी। मैं एक साल तक ओमान में रही। इस दौरान मैंने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण तीन महीने में ही बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद 30 जुलाई 2018 को पति ने इलाज कराने के लिए मेरी मां के पास हैदराबाद भेज दिया। यहां आने के बाद 12 अगस्त को उसने व्हाट्सएप पर तलाक दे दिया। मैंने कई बार उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। मैं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से दरख्वास्त करती हूं कि मेरी मदद करें।
बेटा नहीं जन्मा तो नेशनल खिलाड़ी को फोन पर दे दिया था तलाक
नेटबॉल और एथलेटिक्स की नेशनल खिलाड़ी भी तीन तलाक का दंश झेल रहीं है। ससुरालियों को पहले बच्चे के रूप में बेटे को जन्म नहीं दे सकी तो पति ने घर से निकाल कर फोन पर ही तीन तलाक दे दिया था और दूसरी शादी कर ली है। पीड़िता खिलाड़ी फिलहाल मायके में रहकर न्याय के लिए जंग लड़ रही है।
अमरोहा नगर के मोहल्ला पीरनजादा निवासी नगर पालिका के बड़े बाबू पद से सेवानिवृत्त जावेद इकबाल की दूसरे नंबर की बेटी शुमैला जावेद नेटवॉल और एथलेटिक्स की राष्ट्रीय खिलाड़ी रही है। शुमैला ने कई पदक जीतकर अमरोहा का नाम रोशन किया है। यहीं वजह रही कि वर्ष 2003 में तत्कालीन डीएम ने शुमैला को जनपद गौरव सम्मान से सम्मानित किया था। नौ फरवरी 2014 को सुमैला की शादी लखनऊ के कस्बा अमेठी निवासी इंटर कालेज संचालक के साथ हुई थी।
तीन तलाक की शिकार शुमैला के मुताबिक ससुरालियों को बेटे की चाहत थी। जिसे लेकर उन्होंने लिंग जांच कराई थी। जांच में बच्ची की पुष्टि हुई तो उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और घर से निकाल दिया। शुमैला ने वर्ष 2015 में मायके में अपनी बेटी को जन्म दिया। बेटी पैदा होने की खबर मिलते ही पति ने फोन कर उसको तलाक..तलाक..तलाक कहकर नाता तोड़ लिया। इसके बाद तलाक नामा घर भी भेजा गया। जिसमें शुमैला ने स्वीकार नहीं किया। शुमैला ससुराल पहुंची तो उसे वहां भी पति ने तीन तलाक दे दिया था। फिलहॉल एक नेशनल खिलाड़ी भी तीन तलाक का दंश झेल रही है। शुमैला मायके में रहकर तीन तलाक की जंग लड़ रही है।
बेटियों के दिल से निकला तलाक का खौफ
अमरोहा- नेटबॉल और एथलेटिक्स गैम में नेशनल खिलाड़ी का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक के खिलाफ छेड़ी जंग वाकई मुस्लिम बेटियों के वरदान से कम नहीं है। इससे बेटियों के दिन से तलाक का खौफ निकला रहा है और वह खुद को सुरक्षित महसूस करने लगी हैं।
तीन तलाक बैन करने वाला पहला अरब देश था इराक
मोदी सरकार ने बुधवार को तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने तीन तलाक के अध्यादेश को मंजूरी दे दी। इस तरह तीन तलाक अब अपराध होगा। यह अध्यादेश छह महीने के लिए होगा। इसी बीच सरकार को इसे सदन में पारित कराना होगा। तीन तलाक को लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन यह राज्यसभा में लंबित है।
पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने भी तीन तलाक पर रोक लगाई थी। इसी के साथ भारत उन देशों की कतार में शामिल हो गया, जिन देशों में तीन तलाक बैन है। इराक इस प्रथा को बैन करने वाला सबसे पहला अरब देश बना था। इसके अलावा 20 से 22 अन्य मुस्लिम देश हैं, जहां तीन तलाक बैन है।