तीन तलाक विधेयक को लोकसभा पास कर चुकी है। आज इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि उच्च सदन से भी यह विधेयक पास हो जाएगा। वहीं इस मामले पर कांग्रेस के महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हुसैन दलवाई ने एक विवादास्पद बयान दिया है। उनका कहना है कि हर धर्म में होता है महिलाओं से गलत व्यवहार और हमें सभी को बदलना होगा।
दलवाई ने कहा, 'महिलाओं के साथ हर समुदाय में अनुचित व्यवहार किया जाता है, केवल मुस्लिमों में नहीं। यहां तक कि हिंदू, ईसाई, सिखों आदि में भी। हर समाज में पुरुषों का वर्चस्व है। यहां तक कि श्रीराम चंद्र जी ने भी एक बार सीता को शक के आधार पर छोड़ दिया था। इसलिए हमें सभी को बदलने की जरुरत है।' इस विधेयक को
राज्यसभा से पास करवाने के लिए भाजपा ने अपने सांसदो को व्हिप जारी कर दिया है।
बता दें कि गुरुवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष से इस को पारित कराए जाने की अपील करते हुए कहा था कि यदि सोनिया गांधी, मायावती और ममता बनर्जी लैंगिक समानता चाहती हैं तो उन्हें विधेयक का विरोध नहीं करना चाहिए। कैबिनेट ने एक साथ
तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत संबंधी बिल में विपक्ष की मांग मानते हुए उस संशोधन की मंजूरी दे दी थी जिसके तहत आरोपी जमानत के हकदार होंगे। अब इस विधेयक के कानून बनने के बाद तीन तलाक का आरोपी मजिस्ट्रेट से जमानत ले सकता है।
हालांकि एक साथ तीन तलाक गैर जमानती अपराध की श्रेणी में ही रहेगा। विधेयक में आरोपी को अपराध साबित हो जाने के बाद तीन सील की सजा का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को राज्यसभा में संशोधन के साथ तीन तलाक बिल पेश किया जाएगा। इसे देखते हुए शीतकालीन सत्र में इस बिल को संसद की मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।