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'अगर वो सिंघम, तो मैं पुष्पा हूं': पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा पर बरसे TMC प्रत्याशी जहांगीर, पढ़ें विवाद

Tue, 28 Apr 2026 03:45 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के फालता में टीएमसी नेता जहांगीर खान और चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त यूपी कैडर के आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा के बीच तकरार देखने को मिल रही है। दरअसल, मतदाताओं को डराने की शिकायत पर अजय पाल शर्मा टीएमसी नेता के घर गए थे। अब इसके जवाब में जहांगीर खान ने कहा कि अगर अफसर 'सिंघम' हैं, तो वे 'पुष्पा' हैं और वे भाजपा के अफसरों से नहीं डरेंगे। जानें क्या है पूरा विवाद...
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बंगाल चुनाव 2026 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा की आलोचना की है। अजय पाल शर्मा पर दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में उनके परिवार और स्थानीय लोगों को धमकी देने का आरोप है। यह घटना मंगलवार को सामने आई। जहांगीर खान ने बताया कि 27 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे अजय पास शर्मा उनके पार्टी कार्यालय आए। उन्होंने उनके सुरक्षा कर्मचारियों को धमकाने की कोशिश की। इसके बाद वो उनके परिवार को भी धमकाने गए।
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टीएमसी ने पुलिस पर्यवेक्षक पर लगाए कई आरोप
जहांगीर खान ने कहा कि यह किसी पुलिस पर्यवेक्षक का कर्तव्य नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियम ऐसे नहीं हैं कि कोई पर्यवेक्षक लोगों या उम्मीदवारों को उनके घर पर धमकाए। तृणमूल का आरोप है कि अजय पाल शर्मा भाजपा की मदद करने के लिए अवैध काम कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि वे तृणमूल कार्यकर्ताओं और नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। तृणमूल ने अजय पाल शर्मा पर स्थानीय लोगों को डराने और देर रात तलाशी लेने का भी आरोप लगाया है।
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वह 'सिंघम' हैं, तो मैं 'पुष्पा' हूं- जहांगीर खान
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अजय पाल शर्मा ने यह दौरा उन रिपोर्टों के बाद किया था कि जहांगीर खान के लोग कथित तौर पर मतदाताओं से पहचान पत्र एकत्र कर रहे थे और उन्हें धमका रहे थे। अजय पाल शर्मा ने कहा कि वह उम्मीदवार या उसके सहयोगियों को मतदाताओं को डराने की अनुमति नहीं देंगे। वहीं, तृणमूल उम्मीदवार खान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'यह बंगाल है; यदि वह 'सिंघम' हैं, तो मैं 'पुष्पा' हूं।' उन्होंने भाजपा द्वारा नियुक्त पुलिस अधिकारियों को मतदाताओं को धमकाने की अनुमति नहीं देने की बात कही।

वायरल वीडियो और टीएमसी का आरोप
दरअसल, चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें वह स्थानीय लोगों से धमकी भरे लहजे में बात करते दिख रहे हैं। यह वीडियो जहांगीर खान के आवास के पास का बताया जा रहा है। अजय पाल शर्मा वीडियो में जहांगीर खान के परिवार के सदस्यों को भी संबोधित करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुराचार करता है तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा और कड़ी कार्रवाई होगी।
 

कानूनी चुनौती और तटस्थता की अपेक्षा
मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा कि पर्यवेक्षकों से तटस्थ रहने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि संवैधानिक सीमाओं से परे कार्य करने या किसी विशेष पार्टी को निशाना बनाने के किसी भी प्रयास को कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी। तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में एक व्यक्ति पब में नाच रहा था, जिसे उन्होंने अधिकारी को टैग करते हुए कहा, 'आपको आनंद लेते हुए देखकर अच्छा लगा... उम्मीद है कि आपके पुलिसिंग कौशल आपके नृत्य कौशल से बेहतर हैं।'

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अजय पाल शर्मा के रिकॉर्ड पर सवाल
पुलिस अधीक्षक प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने अजय पाल शर्मा की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अजय पाल शर्मा के रिकॉर्ड पर चिंता व्यक्त की और कहा कि वे खुद को 'सिंघम' कहते हैं और उनके खिलाफ करीब 150 एनकाउंटर के मामले दर्ज हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अजय पाल शर्मा ने उत्तर प्रदेश में आईपीएस पोस्टिंग के लिए 50 लाख रुपये और पुलिस उपाधीक्षक के लिए 25 लाख रुपये जैसी दरों की बात की थी। चुनाव आयोग ने इस वीडियो पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

वहीं, फालता में तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को डराने का आरोप लगाया। वरिष्ठ तृणमूल नेताओं और मंत्रियों ने आरोप लगाया कि भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी अपनी भूमिका से आगे बढ़ रहे हैं।

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