पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में सत्ताधारी दल नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद में दंगों के पीछे टीएमसी नेताओं का हाथ है। शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी नेताओं पर हिंसा भड़काने और वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है। साथ ही ममता बनर्जी की धर्मगुरुओं से मुलाकात को भी संदेह के घेरे में बताया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में जो हाल ही में सांप्रदायिक हिंसा हुई, उसमें टीएमसी के नेता मुख्य साजिशकर्ता और भड़काने वाले हैं। एक वीडियो पोस्ट के जरिए एक्स पर शुभेंद् अधिकारी ने धुलियान नगरपालिका के चेयरमैन मोहम्मद इंजामुल हक का नाम लेते हुए कहा कि, 'हक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दंगों में सक्रिय भूमिका निभाई है और भड़काऊ बयान देकर हिंसा को बढ़ावा दिया है।' उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ सबूत हैं कि ये व्यक्ति दंगों में शामिल है और उसे तुरंत गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जानी चाहिए।
यह राजनीतिक साजिश है- शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने पूरे मामले को एक बड़ी राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा, 'मठाबाड़ी से लेकर धुलियन तक टीएमसी नेता ही दंगों के असली साजिशकर्ता और उकसाने वाले हैं। ये लोग समाज में नफरत फैलाकर दंगे करवा रहे हैं, जिससे हिंदुओं की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी केवल अपने वोटबैंक को मजबूत करने के लिए ऐसे विषैले खेल खेल रही है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'ये टीएमसी नेता ही हैं जो समाज में नफरत फैला रहे हैं और कट्टरपंथियों को उकसा रहे हैं। इनके भड़काऊ भाषण ही दंगों की असली वजह हैं। अब वक्त आ गया है कि इनका पर्दाफाश किया जाए।'
विज्ञापन
ममता बनर्जी की मुलाकात पर भी निशाना
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोला। बता दें कि, ममता बनर्जी ने हाल ही में कोलकाता में मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक की थी। ये बैठक वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच हुई थी। इस पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'ममता बनर्जी इन लोगों को दिल्ली भेजकर राजधानी को बंद करवाने के लिए उकसा रही हैं। ये वही लोग हैं जो मठाबाड़ी में सांप्रदायिक झगड़े में शामिल थे, और अब इन्हें सम्मानित किया जा रहा है।'
मुर्शिदाबाद में 11 अप्रैल को भड़की हिंसा
मुर्शिदाबाद जिले के कई इलाकों- शमशेरगंज और धुलियान में 11 अप्रैल को वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। अब तक 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और प्रभावित इलाके में पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि, वक्फ संशोधन कानून 2025 को लेकर पूरे बंगाल में विरोध देखा जा रहा है। राजनीतिक और धार्मिक संगठनों का मानना है कि यह कानून समुदाय विशेष के अधिकारों को प्रभावित करता है।