गुजरात के दाहोद में एक दलित महिला को उसके ससुर के नेतृत्व में भीड़ ने पीटा और उसे निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया। महिला पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया गया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यह घटना 28 जनवरी की है
15 लोगों के खिलाफ किया गया मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक राजदीपसिंह जाला ने कहा, "15 लोगों के खिलाफ 29 जनवरी को मामला दर्ज किया गया। हमने 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें चार पुरुष, चार महिलाएं और चार किशोर शामिल हैं। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद हमने महिला को बचाया। उसे उसके ससुर ने घर में बंद कर दिया था।"
एसपी ने बताया कि आरोपियों पर अपहरण, गलत तरीके से कैद करना और निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। भीड़ में शामिल जिन लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया और इसे प्रसारित किया उन पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधान लगाए गए हैं।
पीड़िता पर अफेयर का संदेह
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता का गांव के एक व्यक्ति से अफेयर था। घटना वाले दिन वह उस व्यक्ति से मिलने गई थी। पुलिस ने बताया कि पीड़िता के ससुर बहादुर डामोर और उसके पति के भाई संजय डामोर के नेतृत्व में कुछ महिलाओं के साथ भीड़ ने उस व्यक्ति के घर पर धावा बोल दिया। भीड़ ने पीड़िता के साथ मारपीट की और उसे आंशिक रूप से निर्वस्त्र कर दिया। पीड़िता के हाथ-पैर को जंजीर से बांधकर उसे पूरे गांव में घूमने के लिए मजबूर किया गया।
एफआईआर में आगे बताया गया कि पीड़िता घर में बंद करने से पहले उसे मोटरसाइकिल से बांधकर मुख्य सड़क तक घसीटा गया। इस घटना को लेकर विपक्षी पार्टियां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भाजपा को घेरा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता रुशिकेश पटेल ने गांधीनगर में इस घटना को लेकर पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।