राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने लिया संज्ञान।
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तमिलनाडु और केरल के अन्य हिस्सों से खबरें आ रही थीं कि व्यवसायी इरुला आदिवासी समुदाय के सदस्यों से संबंधित भूमि अवैध रूप से खरीद रहे हैं। इसको लेकर समाचार पत्र ने एक रिपोर्ट भी छापी थी, जिस पर आयोग ने संज्ञान लिया है। उन्होंने केरल के मुख्य सचिव को अवैध बिक्री से संबंधित तथ्य पेश करने को कहा है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने केरल के मुख्य सचिव और वन विभाग को नोटिस जारी कर पलक्कड़ जिले के अट्टापडी में संरक्षित भूमि की कथित अवैध बिक्री से संबंधित तथ्य पेश करने को कहा है।
आयोग ने एक समाचार रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि उसने संविधान के अनुच्छेद 338A के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसरण में मामले की जांच करने का निर्णय लिया है। साथ ही एनसीएसटी ने तीन दिनों के अंदर आरोपों पर की गई कार्रवाई के तथ्य और जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
बता दें, पिछले साल एक जुलाई को एक समाचार रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें कहा गया था तमिलनाडु और केरल के अन्य हिस्सों के अप्रवासी व्यवसायी इरुला आदिवासी समुदाय के सदस्यों से संबंधित भूमि अवैध रूप से खरीद रहे हैं।
वहीं, इलाके के आदिवासियों ने भी आरोप लगाया कि इन अप्रवासियों ने कुछ सरकारी अधिकारियों की मदद फर्जी दस्तावेज तैयार किए है, जिससे ये लोग मालिकाना हक साबित कर सकें।