फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत में बनी 'ध्रुवास्त्र' मिसाइल सेना में शामिल, अब सीमा पर टैंक लाने की गलती ना करे दुश्मन

Wed, 22 Jul 2020 10:24 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
नाग मिसाइल (हेलिना) का परीक्षण किया गया - फोटो : ANI
विज्ञापन

भारत और चीन सीमा विवाद के बीच हेलीकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली 'नाग' मिसाइल (हेलिना) का परीक्षण किया गया है। इसे अब 'ध्रुवास्त्र' एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का नाम दिया गया है। 

विज्ञापन


सरकार द्वारा मेक इन इंडिया मुहिम के तहत सेना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस मिसाइल का परीक्षण किया गया है। पहले इस मिसाइल का नाम 'नाग' था, जिसे अब बदलकर 'ध्रुवास्त्र' किया गया है।

बताया गया है कि इस मिसाइल का परीक्षण आईटीआर बालासोर (ओडिशा) में 15 और 16 जुलाई को किया गया था। हालांकि, इस परीक्षण को बिना हेलिकॉप्टर के किया गया। परीक्षण का वीडियो  बुधवार को साझा किया गया। 
विज्ञापन


ये हैं खासियतें
मिली जानकारी के अनुसार, इस मिसाइल का इस्तेमाल भारतीय सेना के ध्रुव हेलिकॉप्टर के साथ किया जाएगा। इस मिसाइल को पूरी तरह भारत में तैयार किया गया है और इसकी क्षमता चार किमी तक है। मिसाइल दुश्मन के किसी भी टैंक को कुछ सेकंड में खत्म कर सकती है। 




बता दें कि, ध्रुव हेलिकॉप्टर भी स्वदेशी हेलिकॉप्टर है। ऐसे में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सेना के लिए इसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि अब सेना को मिसाइलों के लिए दूसरे देशों पर से निर्भरता कम हो जाएगी। 

डीआरडीओ की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, ध्रुवास्त्र एक तीसरी पीढ़ी की टैंक रोधी मिसाइल प्रणाली है, जिसे आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर पर स्थापित किया गया है। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें