मध्य प्रदेश में अगर आप ट्रेन से सफर कर रहे हैं, तो अब आपको ज्यादा रुपए चुकाने होंगे। क्योंकि अब से रेलवे ने मध्य प्रदेश में कुलियों का मेहनताना बढ़ा दिया है। प्रदेश के रेलवे स्टेशन पर कुलियों के द्वारा सामान ट्रेन में चढ़ाने से लेकर ट्रेन के इंतजार और आपका अलग-अलग बोझ उठाने का अलग-अलग चार्ज लगेगा। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर मौजूद रहने वाले कुलियों के भाड़े में बदलाव किया है जो तत्काल प्रभाव से सभी स्टेशनों पर लागू हो गया है।
जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा के मुताबिक, इस साल भारतीय रेलवे द्वारा स्टेशनों पर रजिस्टर्ड कुलियों के भाड़े में पोर्ट्रेट चार्ज स्टेशन के आधार पर बदलाव किया है। रेलवे द्वारा वर्गीकृत एनएसजी(नॉन सबअर्बन ग्रुप)-1, एनएसजी -2, एनएसजी-3, एनएसजी-4, एसजी (सब अर्बन ग्रुप)-1, एसजी-2 एवं एसजी -3 स्टेशनों पर प्रति ट्रिप रुपए 100/- तथा एनएसजी-5, एनएसजी-6, एच जी-1, एच.जी.(हॉल्ट ग्रुप)- 2 एवं एच.जी.-3 स्टेशनों के लिए प्रति ट्रिप रुपए 80/- पोर्टरेज चार्जेज निर्धारित की गई है।
इतना देना होगा चार्ज
यदि आपके द्वारा कुली को दिए जाने वाले एक बैग/पैकेज का वजन 20 किलोग्राम से अधिक तथा 40 किलोग्राम तक है, तो प्रति बैग/पैकेज 50 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इस दौरान कुली जितने भी लगेज उठाएगा उसके हिसाब से चार्ज लिया जाएगा। कुली द्वारा सामान को ट्रेन पर चढ़ाने के लिए ट्रेन लेट होने पर इंतजार करना हो तो 30 मिनट तक उसका कोई चार्ज देय नहीं होगा। लेकिन उसके बाद 30 मिनट या उससे ज्यादा इंतजार करने पर 100 रुपये का भुगतान करना होगा। इसी प्रकार एनएसजी-5, एनएसजी-6, एचजी-1 से एचजी-3 तक के स्टेशनों पर इंतजार शुल्क के रूप में 80 रुपये का भुगतान करना होगा।
इसके अलावा कुलियों द्वारा हाथ से खींची जाने वाली दुपहिया और चार पहिया गाड़ी पर 160 किलो वजन ले जाने पर प्रति ट्रिप 150 रुपया चार्ज निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार बीमार या डिसेबल्ड यात्रियों को व्हील चेयर या स्ट्रेचर के लिए 2 कुली ले जाने के लिए 150 रुपये तथा स्ट्रेचर को ले जाने के लिए चार कुली के लिए 200 रुपये की दर से भुगतान करना होगा।
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