अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने सोमवार को कहा कि विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में ट्रक ड्राइवर कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। अब इनके जरिए कोविड-19 महामारी के समाज में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
एआईएमटीसी ट्रक ऑपरेटरों का बड़ा संगठन है। वह छोटे-बड़े 95 लाख ट्रक आपरेटरों के प्रतिनिधित्व का दावा करता है। एआईएमटीसी के अध्यक्ष कुलतारन सिंह अटवाल ने कहा कि दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और अन्य कई राज्यों में बड़ी संख्या में ट्रक ड्राइवर एवं सहायक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। कई मामलों में पूरे के पूरे परिवार के संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रकों के ड्राइवर और खलासी एक तरह से कोरोनायरस के वाहक बन गए है जबकि ट्रांसपोर्टर सरकार से लगातार मांग करते आ रहे हैं कि वह उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें।अटवाल ने कहा, 'हमारा डर सही निकला।
देश में इस महामारी का प्रकोप बढ़ने के साथ ट्रक परिवहन समुदाय में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं। कई मामलों में ट्रक परिवहन क्षेत्र में काम करने वालों के पूरे के पूरे परिवार महामारी की चपेट में हैं और उन्हें पृथकावास में रखा जा रहा है।'
संगठन के महासचिव नवीन कुमार गुप्ता ने कहा कि कई मामलों में ट्रक परिवहन क्षेत्र में सामुदायिक स्तर पर संक्रमण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे ऐसे परिवारों के सामने वित्तीय समस्या भी पैदा हो गई है।
उनके पास अपने परिवार को संभालने या पीड़ित को मुआवजा देने को पैसा नहीं है। उनके ट्रक जगह-जगह खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति आंख मूंदे हुए है। संगठन के पदाधिकारियों ने ऐसी स्थति में सरकार से सहायता पैकेज की मांग की है।
इसमें ट्रकों के कर्ज के ईएमआई पर ब्याज माफ करना, लाइसेंस, बीमा और अन्य कागजात की वैधता अवधि का विस्तार तथा करों की माफी शामिल है। उनका कहना है कि यदि मदद न मिली तो ट्रक ऑपरेटर ट्रक खड़ा करने पर बाध्य हो जाएंगे।