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कोरोना के साथ ट्रांस फैट बन रहा है सेहत के लिए खतरा, बॉलीवुड की मदद से केंद्र चलाएगा जागरूकता अभियान

Fri, 25 Sep 2020 07:22 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्रिकेट स्टार विराट कोहली और सिने जगत के स्टार राजकुमार राव, लोगों को विभिन्न अभियानों के जरिए खाद्य विकल्पों के प्रति व्यवहार परिवर्तन के लिए जागरूक कर रहे हैं। यह बीमारी ट्रांस फैट्स के दुष्प्रभावों का नतीजा होती है। इसमें मुख्य तौर पर हृदय से जुड़ी कई बीमारियां व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेती हैं...
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trans fat - फोटो : Amar Ujala (For Refernce Only)
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विस्तार
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सरकार ट्रांसफैट्स के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को बताने के लिए बॉलीवुड के सितारों से लेकर क्रिकेट स्टार तक की मदद ले रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण 'एफएसएसएआई' भी 'ईट राइट' अभियान के तहत लोगों को सचेत कर रहा है। इसमें भोजन की विविधता बनाए रखने, संतुलित आहार, कम और समय पर भोजन व ट्रांस फैट्स को समाप्त करना, नमक-चीनी का कम इस्तेमाल और संतृप्त वसा घटाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

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क्रिकेट स्टार विराट कोहली और सिने जगत के स्टार राजकुमार राव, लोगों को विभिन्न अभियानों के जरिए खाद्य विकल्पों के प्रति व्यवहार परिवर्तन के लिए जागरूक कर रहे हैं। यह बीमारी ट्रांस फैट्स के दुष्प्रभावों का नतीजा होती है। इसमें मुख्य तौर पर हृदय से जुड़ी कई बीमारियां व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेती हैं।

संसद सत्र के दौरान लोकसभा में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि एफएसएसएआई ने ट्रांस फैट के दुष्प्रभावों पर उपभोक्ताओं को शिक्षित करने के लिए 'हर्ट अटैक रिवाइंड' मास मीडिया अभियान को शुरू किया है। हर्ट अटैक रिवांड 30 सेकेंड की एक सार्वजनिक सेवा घोषणा है। इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर 17 भाषाओं में प्रसारित किया गया है। इसका मकसद स्वस्थ विकल्पों के माध्यम से ट्रांस फैट के उपभोग के स्वास्थ्य संकटों के बारे में नागरिकों को चेतावनी देना और उनसे बचने के लिए कार्यनीतियां प्रदान करना है।
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एफएसएसएआई ने ट्रांस फैट फ्री लोगो भी शुरू किया है। खाद्य प्रतिष्ठान जो ट्रांस फैट मुक्त सामानों का प्रयोग करते हैं, वे खाद्य सुरक्षा और मानक 'विज्ञापन और दावे' विनियम 2018 के अनुसरण में आउटलेट्स और अपने उत्पादों पर ट्रांस फैट फ्री लोगो का इस्तेमाल कर सकते हैं। एफएसएसएआई ने वर्ष 2022 तक ट्रांस फैट को चरणबद्ध तरीके से दो फीसदी से कम करने के लिए खाद्य तेलों और फैट्स जैसे वनस्पति, बेकरी, औद्योगिक मारग्रीन, टेबल मारग्रीन, मिक्सड फैट व वेजिटेबल फैट स्प्रेड आदि में ट्रांस फैट सामग्री की सीमा घटाने के लिए नियमित कार्य कर रही है।

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