दूरसंचार नियामक ट्राई ने अपनी सिफारिशों में 5जी स्पेक्ट्रम सहित अन्य बैंड्स की नीलामी के लिए कीमतों पर रुख बरकरार रखा है। ट्राई ने सोमवार को दूरसंचार विभाग को भेजी सिफारिश में कहा कि कीमत मसौदा सभी कारकों पर विचार के बाद तय की गई है। पिछले दिनों ट्राई की ओर से नीलामी की अनुमानित लागत पर दूरसंचार कंपनियों ने दोबारा विचार की बात कही थी।
इस पर दूरसंचार आयोग ने नियामक से कीमतों को लेकर समीक्षा करने को कहा था। इन 2019 में नीलाम होने वाले सभी स्पेक्ट्रम की दरें शामिल थीं। ट्राई ने डीओटी को भेजे अपने विवरण में कहा है कि उसने 2016 से 2018 के बीच स्पेक्ट्रम नीलामी से जुड़े पहलुओं पर विचार करने के साथ कार्यप्रणाली, मान्यताओं और विकास पर भी पूरा अध्ययन किया है।
ट्राई ने 3300 से 3600 मेगाहर्ट्ज बैंड की न्यूनतम लॉक-इन अवधि पूर्व के 5 साल से घटाकर 2 साल करने की सिफारिश की है। इससे पहले ट्राई ने कहा था कि 5जी स्पेक्ट्रम सहित उच्च फ्रीक्वेंसी वाले बैंड की नीलामी की अनुमानित लागत 4.9 लाख करोड़ रुपये आएगी। इसके बाद कर्ज संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों ने नियामक से कीमतों पर दोबारा विचार करने और इसमें प्रोत्साहन देने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा था कि ये कीमतों 5 से 6 गुना ज्यादा लग रही हैं।