टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टीवी देखने वालों को ये आजादी होगी कि वह अपने केबल ऑपरेटरों और डीटीएच कंपनी को बदल सकें। इस व्यवस्था के तहत सेट टॉप बॉक्स में भी अपनी मर्जी की कंपनी का कार्ड लगाया जा सकेगा। अपने मौजूदा ऑपरेटरों से जो लाखों लोग परेशान हैं, वह अपनी मर्जी का ऑपरेटर चुन सकेंगे। ट्राइ के चेयरमैन आर. एस. शर्मा का कहना है कि ट्राई अब इंटर-ऑपरेबल सेट टॉप बॉक्स की व्यवस्था करेगा।
दूसरी ओर ट्राई के इस कदम का डीटीएच ऑपरेटर्स और केबल सर्विस वाले विरोध कर रहे हैं। जिससे ट्राई को भी मुश्किल हो सकती है। इस राह में आने वाली एक मुश्किल के बारे में कॉन्टेंट डिस्ट्रिब्यूशन इंडस्ट्री के अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक सेट टॉप बॉक्स में अलग-अलग सॉफ्टवेयर और कॉन्फिगरेशन होते हैं, जिसके कारण उन्हें दूसरी कंपनी की सेवाओं के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
इस बारे में देश के दो बड़े डीटीएच सर्विस प्रवाइडर्स डिश टीवी और टाटा स्काइ को भी सवाल भेजे गए हैं लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
ऐसे होगी मुश्किल आसान
ट्राई के चेयरमैन का कहना है कि इसका समाधान तभी होगा जब सेट टॉप बॉक्स को पहले से ही किसी खास कंपनी का सॉफ्टवेयर लोड करके बेचने की बजाय, जिसमें बॉक्स को खरीदने के बाद सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की सुविधा हो बेचा जाए।।
उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए बताया कि इसका मतलब ये होगा कि आप किसी मार्केट से जो सेट टॉप बॉक्स खरीदेंगे वह किसी खास कंपनी का नहीं होगा। उसे खरीदने के बाद ग्राहक जिस भी कंपनी की सेवा लेना चाहेंगे, उसका सॉफ्टवेयर बॉक्स में डाउनलोड हो जाएगा। समाधान निकालने के लिए ट्राई सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ बाहरी सलाहकारों के साथ भी काम कर रहा है। इससे पहल ग्राहकों की सुविधा के लिए ट्राई एक वेब एप्लीकेशन भी लांच कर चुका है।