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Mizoram: भैरबी-सैरांग परियोजना के ब्रिज नं. 196 पर दर्दनाक हादसा, फरवरी 2024 में पुल के पूरा होने की उम्मीद

Thu, 24 Aug 2023 03:06 AM IST
जलज मिश्रा एन. अर्जुन, आइजॉल

सार

इस परियोजना में भैरबी के बाद होर्टोकी, कवनपुई, मौलखांग और सैरांग नामक चार स्टेशन होंगे। सैरांग स्टेशन से मिजोरम की राजधानी आइजॉल ज्यादा दूर नहीं है।
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हादसा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मिजोराम में बुधवार को जो हादसा हुआ है, वह भैरबी-सैरांग रेलवे प्रोजेक्ट के ब्रिज नंबर 196 पर हुआ। पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों के राजधानियों को रेल लाइन से जोड़ने के क्रम में मिजोराम के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। 51.38 किलोमीटर लंबी भैरबी-सैरांग रेल लाइन परियोजना करीब-करीब 85 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है। इसे फरवरी 2024 तक चालू करने का लक्ष्य है।

पुल की यह है खासियत

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सूत्रों के मुतबाकि भैरबी-सैरांग नई रेलवे लाइन परियोजना को वर्ष 2008-09 में मंजूरी दी गई थी। लेकिन फंडिंग की कमी के चलते काम शुरू नहीं हो पाया। इस पर काम पिछले आठ वर्षों से तेजी से हो पाया है। पूरी परियोजना की लंबाई 51.38 किमी और इसकी अनुमानित लागत 8605 करोड़ करोड़ रुपए है। इस पूरी परियोजना में 55 बड़े और 87 माइनर ब्रिज होंगे। परियोजना में पांच सड़क ऊपर पुल और छह सड़क के नीचे पुल भी होंगे। पूरी परियोजना में कई सुरंगों के निर्माण भी शामिल हैं। कुल 12639.20 मीटर (अनुमानित) सुरंग कार्य भी इस परियोजना में किए जाएंगे। इस परियोजना के निर्माण के लिए 487.47 हेक्टेयर (अनुमानित) भूमि अधिग्रहण और 347.89 लाख क्यूविक मीटर मिट्टी कार्य किया गया है।

इस परियोजना में भैरबी के बाद होर्टोकी, कवनपुई, मौलखांग और सैरांग नामक चार स्टेशन होंगे। सैरांग स्टेशन से मिजोरम की राजधानी आइजॉल ज्यादा दूर नहीं है। बुधवार को घटना तब हुई जब ब्रिज नंबर 196 पर स्टील का गर्डर चढ़ाने का काम चल रहा था। उल्लेखनीय है कि जिस गार्रड को रेलवे ब्रिज पर चढ़ाया जा रहा था, उसकी लंबाई 103 मीटर है।

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