फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एंबुलेंस के लिए एसआई ने रोका राष्ट्रपति का काफिला, बंगलूरू पुलिस करेगी सम्मानित

Tue, 20 Jun 2017 10:51 PM IST
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
विज्ञापन
एमएल निजलिंगप्पा - फोटो : ANI
विज्ञापन
क्या कभी सुना है, बीच सड़क पर राष्ट्रपति का काफिला रुकवा दिया गया हो। लेकिन कर्नाटक के बंगलूरू में शनिवार को ऐसा वाकया सामने आया। घटना ट्रिनिटी सर्किल की है। यहां एक एंबुलेंस को निकालने के लिए ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का काफिला रोक दिया। अब बंगलूरू पुलिस ने भी निजलिंगप्पा तो सम्मानित करने का फैसला किया है। दरअसल, एक कार्यक्रम के लिए बंगलूरू पहुंचे राष्ट्रपति का काफिला यहां से गुजरने वाला था।
विज्ञापन


वीआईपी मूवमेंट के चलते सभी तरफ के ट्रैफिक को रोकने का आदेश था। लेकिन इस दौरान वहां तैनात एसआई निजलिंगप्पा ने देखा कि एक एंबुलेंस गाड़ियों के बीच फंस गई है। बस क्या था, उन्होंने आगे आकर दूसरी तरफ से आ रहे प्रेसिडेंट के काफिले को रोक दिया और मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को रास्ता दिया। इसके बाद से एसआई निजलिंगप्पा हीरो बन गए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सूझबूझ की तारीफ हो रही है। लोगों के साथ उनके ही डिपार्टमेंट के अफसर भी खुलकर तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। 

निजलिंगप्पा को लगा कि भले ही वीआईपी मूवमेंट है, लेकिन एंबुलेंस को रास्ता दिया जाना चाहिए। बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस के डिप्टी कमिश्नर अभय गोयल ने ट्वीट कर एसआई की तारीफ की। उन्होंने लिखा - ‘ट्रैफिक पुलिस ने देश के प्रथम नागरिक को रोका और एंबुलेंस को रास्ता दिया। क्या आप देंगे?’ बंगलूरू के कमिश्नर प्रवीण सूद ने एसआई को सम्मानित करने की बात कही है। प्रणब मुखर्जी 17 जून को बंगलूरू में मेट्रो की ग्रीन लाइन का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वह इसके बाद राष्ट्रपति राजभवन गए थे।
विज्ञापन


एसआई को ट्विटर यूजर्स की सलामी
एसआई का ये काम दूसरों के लिए अच्छा उदाहरण हो सकता है। अगर राष्ट्रपति का काफिला रोका जा सकता है तो मुख्यमंत्रियों और नेताओं को भी एंबुलेंस के लिए रास्ता देना चाहिए। - कृष वैद्य
अच्छी कोशिश। लेकिन क्यों नहीं नेताओं के लिए भी एक जैसे इंतजाम होने चाहिए। ट्रैफिक जाम में फंसेंगे, तभी उन्हें आम आदमी के दर्द का अहसास होगा। एसआई ने दूसरों के लिए मिशाल पेश की... सैल्यूट - रामनाथ कामत
विज्ञापन

बहुत बढ़िया। एक जिंदगी सबसे कीमती होती है। निजलिंगप्पा को उनकी मानवता के लिए सैल्यूट। सम्मान के लिए बधाई। - रेजीथ, वेनगालम
निजलिंगप्पा के इस फैसले के लिए उन्हें सैल्यूट। आगे भी ड्यूटी पर ऐसे प्रोफेशनल फैसले लेते रहें। आपको बहुत बधाई। - सीवीआर चंद्रा
सैल्यूट सर, देश के हर पुलिस जवान के अंदर अपनी ड्यूटी के लिए ऐसा उत्साह होना चाहिए। लोग इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें