नासिक-पुणे सेमी हाईस्पीड रेलवे के प्रस्तावित मार्ग में बदलाव के विरोध में रविवार को हजारों लोगों ने नासिक में प्रदर्शन किया और पुणे-नासिक हाईवे पर चक्काजाम किया। वहीं इस दौरान पुलिस ने एमएलसी सत्यजीत तांबे को हिरासत में भी लिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नारायणगांव-संगमनेर वाला मूल मार्ग बरकरार रखा जाए।
महाराष्ट्र में प्रस्तावित नासिक-पुणे सेमी हाईस्पीड रेलवे के मार्ग में बदलाव के विरोध में रविवार को नासिक जिले के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में युवाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रेलवे लाइन का निर्माण पहले तय किए गए मार्ग से ही किया जाए। इस दौरान पुणे-नासिक हाईवे पर चक्काजाम किए जाने से यातायात प्रभावित रहा। सिन्नर में हाईवे पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय विधान परिषद सदस्य सत्यजीत तांबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। तांबे को ले जा रहे पुलिस वाहन को कुछ प्रदर्शनकारियों ने रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात तथा नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
क्यों हो रहा है रूट का विरोध?
विवाद रेलवे के पुराने और नए प्रस्तावित मार्ग को लेकर है। पहले नासिक से पुणे के बीच रेलवे लाइन का सीधा और छोटा मार्ग नारायणगांव और संगमनेर से होकर प्रस्तावित था। अब इस मार्ग को बदलकर अहिल्यानगर और शिरडी के रास्ते ले जाने का प्रस्ताव है। बताया जा रहा है कि पुराने मार्ग को बदलने की वजह पुणे जिले में स्थित जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) के तकनीकी सिग्नल पर संभावित असर की चिंता है। हालांकि, इस बदलाव के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
विज्ञापन
60 दिन में फैसला लेने की मांग
महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे मार्ग और GMRT पर इसके संभावित प्रभाव की जांच के लिए पूर्व परमाणु ऊर्जा आयोग अध्यक्ष अनिल काकोडकर की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई है। तांबे ने कहा कि समिति को फैसला टालने के बजाय 60 दिन के भीतर रिपोर्ट देनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि समिति केवल तकनीकी पहलुओं की जांच तक सीमित न रहे, बल्कि हर तहसील में लोगों से बातचीत कर उनकी राय भी जाने।
सत्यजीत तांबे ने कहा कि रेलवे परियोजना के लिए बड़े स्तर पर जमीन अधिग्रहण पहले ही हो चुका है और 500 करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की जा चुकी है। रेलवे स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। ऐसे में अचानक मार्ग बदलने का फैसला उचित नहीं है।
मंत्री गिरीश महाजन ने सत्यजीत तांबे से की बात
इस प्रदर्शन के दौरान महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने सत्यजीत तांबे से फोन पर बात की और लिखित आश्वासन देने की बात कही। हालांकि, पुलिस ने सत्यजीत तांबे और अन्य प्रदर्शनकारियों को समृद्धि हाईवे की ओर जाने से रोक दिया। सत्यजीत तांबे ने चक्काजाम से लोगों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका आंदोलन आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है।