शेयर बाजार में निवेश संबंधी सलाह देने के लिए ट्रेडर्स अब एडवाइजर और फंड मैनेजर समेत 61 शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। निवेशकों को गुमराह होने से बचाने के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने ट्रेडर्स को इन शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
एक्सचेंज ने बृहस्पतिवार को जारी दिशा-निर्देश में कहा कि ट्रेडिंग सदस्यों या अधिकृत लोगों को सिर्फ ब्रोकिंग सेवाओं की मंजूरी मिली है। इसके बावजूद ये लोग इन 61 शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे निवेशक गुमराह होते हैं। एक्सचेंज ने कहा कि ट्रेडिंग सदस्यों या अधिकृत लोगों को सिर्फ संस्थान के पंजीकरण के हिसाब से अपना टाइटल पेश करना चाहिए। किसी भी तरीके से रौब जमाने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिसके लिए वे पंजीकृत नहीं हैं। एनएसई ने ट्रेडर्स से इन निर्देशों का पालन करने को कहा है। एजेंसी
इन पर लगी पाबंदी
एडवाइजर, एडवाइजरी सर्विसेज, एसेट, एसेट एडवाइजरी, एसेट डिस्ट्रीब्यूशन, एसेट मैनेजमेंट, एसेट मैनेजर, एसेट सर्विसेज, एसेट कंसल्टेंट, कैपिटल एडवाइजर, कैपिटल मैनेजमेंट, कैपिटल सर्विसेज, कॉरपोरेट एडवाइजरी, फाइनेंशियल प्लानर, फाइनेंशियल प्लानिंग, फंड एडवाइजर, फंडमार्ट, स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार, मनी मैनेजर, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, इन्वेस्टमेंट कंसल्टिंग।
इस्तेमाल के लिए पंजीकरण जरूरी
दिशा निर्देश में कहा गया है कि अगर ट्रेडिंग सदस्य या अधिकृत लोग भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) या अन्य किसी नियामक से इन 61 शब्दों से जुड़ीं सेवाओं के लिए पंजीकरण करा लेते हैं तो वे इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। इसे कंपनी पंजीयक (आरओसी) के साथ 31 मार्च, 2023 तक पंजीकरण कराना होगा।
सोशल स्टॉक एक्सचेंज के लिए मंजूरी
एनएसई को सोशल स्टॉक एक्सचेंज (एसएसई) के लिए सेबी से अंतिम मंजूरी मिल गई है। सोशल स्टॉक एक्सचेंज सेगमेंट सामाजिक उद्यमों को सामाजिक पहलों के फाइनेंस के लिए नया अवसर प्रदान करेगा। उन्हें सामाजिक उद्यमों की ओर से धन जुटाने में मदद मिलेगी।
- एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा, जागरूकता लाने के लिए हम विभिन्न कार्यक्रम कर रहे हैं।