यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र स्थित औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेज प्रगति दर्ज की गई है। टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।
76 निवेशकों को मिला पजेशन
अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा किया जा चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। निर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। प्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।
टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना
टॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।