नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद से देश के कई हिस्सों में लगातार हिंसा और प्रदर्शन हो रहे है। इस वजह से असम के पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक प्रदर्शन के चलते राज्य के पर्यटन को लगभग एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
असम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष जयंत मल्ला बरुआ ने पत्रकारों से बताया कि यह सेक्टर दिसंबर में बुरी तरह प्रभावित हुआ है और जनवरी में भी होने वाला है। उन्होंने कहा इस प्रदर्शन की वजह से स्थानीय पर्यटकों के साथ-साथ विदेशों से आने वाले पर्यटको ने भी आना बंद कर दिया है, क्योंकि कई देशों ने विरोध प्रदर्शनों के कारण यात्रियों के लिए एडवाजरी जारी की है। असम में पर्यटन का सबसे अच्छा मौसम दिसंबर से मार्च तक माना जाता है।
बरुआ ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हो रहे हिंसा के कारण पर्यटन सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और दिसंबर, जनवरी में लगभग 500 करोड़ रुपया का घाटा हो सकती है। उन्होंने कहा 'पीक सीजन' पर इस असर के वजह से वित्त वर्ष 2019-20 में पर्यटकों की संख्या में 30 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है। इस मुश्किल घड़ी से फरवरी में निकलने की उम्मीद है।