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भारत में कोरोना के नए प्रकार से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या 42 हुई

Mon, 04 Jan 2021 06:42 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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ब्रिटेन में सामने आए कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित होने वाले मामलों की भारत में संख्या 42 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि देश में नए स्ट्रेन से संक्रमण के मामले 28 हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ में चार और मरीज नए स्ट्रेन से संक्रमित पाए गए हैं। वायरस का यह नया प्रकार पहले के मुकाबले 70 फीसदी अधिक संक्रामक है। 

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित पाए गए इन सभी मरीजों को संबंधित राज्य सरकारों की ओर से निर्धारित चिकित्सा केंद्रों में अकेले कमरे में पृथकवास में रखा गया है। मरीजों के करीबियों को भी क्वारंटीन किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि इन लोगों के सहयात्रियों, परिजनों और अन्य संबंधियों की सघन ट्रेसिंग की शुरुआत कर दी गई है।


मेरठ में चार लोगों में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है। जिले के संत विहार मोहल्ले की रहने वाली ढाई साल की बच्ची के माता-पिता, और बलवंत नगर में रहने वाले बच्ची के फूफा और 15 वर्षीय रिश्तेदार में कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमण होने की पुष्टि हुई है। इनके सैंपल केंद्रीय लैब दिल्ली भेजे गए थे। मेरठ में अभी तक पांच लोगों में कोरोना के नए वायरस की पुष्टि हो चुकी है।
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मंत्रालय ने बताा कि नए स्ट्रेन से संक्रमित इन 38 मामलों में से आठ नमूनों की पहचान नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में, 11 की पहचान दिल्ली के जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी में और एक की पहचान कोलकाता के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स में हुई। 

इसके अलावा पांच नमूनों की पहचान पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) में, तीन की हैदराबाद के सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी में और 10 नमूनों की पहचान बंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज हॉस्पिटल (एनआईएमएचएएनएस में हुई।

मंत्रालय ने कहा, 'स्थिति पर पूरी सतर्कता के साथ नजर रखी जा रही है और बेहतर निगरानी, कंटेनमेंट, जांच और सैंपलों को ISNACOG की प्रयोगशालाओं में भेजने के लिए राज्यों को लगातार सलाह उपलब्ध कराई जा रही है।' ब्रिटेन से आने वाले सभी पॉजिटिव यात्रियों को जीनोम सीक्वेंसिंग में शामिल करने का फैसला किया गया है।

वैक्सीन पर वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत रंग लाई: हर्षवर्धन 
केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ रिकॉर्ड समय में विकसित की गई वैक्सीन में देश के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत आखिरकार रंग लाई। यह सब दुनिया भर के वैज्ञानिकों के बीच अनुकरणीय और सहयोगात्मक प्रयासों के चलते संभव हो पाया है। केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को देश की सबसे पुरानी प्रयोगशालाओं में से एक नेशनल फिजिकल लैब के 75वें स्थापना दिवस पर कहा, कोविड-19 के खिलाफ हमें वैक्सीन की जरूरत थी। हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत का ही नतीजा है कि भारत में दो वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली। आज विश्व में कई वैक्सीन विकसित की जा चुकी हैं, इनमें से भारत में बनी वैक्सीन को रिकॉर्ड समय में बनाया गया और मंजूरी दी गई। 
हर्षवर्धन ने कहा, नए टेस्ट से मिनटों में वायरस का पता लगाया जा सकता है। वायरल जीनोम के बड़े पैमाने पर खुले डाटा और कोविड-19 के मामलों ने नई बीमारी के विकास का विस्तृत तस्वीर पेश की है। 

इंग्लैंड से मुंबई आए 8 यात्रियों में मिला कोरोना स्ट्रेन
इंग्लैंड में कोरोना वायरस का नया रूप स्ट्रेन ने भी मुंबई में दस्तक दे दी है। मुंबई आए कुल यात्रियों में से आठ लोगों में कोरोना स्ट्रेन पाया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है। टोपे ने देर शाम ट्वीट किया कि ब्रिटेन से महाराष्ट्र में आए आठ यात्रियों में कोरोना के नए स्वरूप के लक्षण पाए गए हैं जिसमें से पांच मुंबई के हैं, जबकि एक ठाणे, एक मीरा-भाईंदर और एक पुणे महानगरपालिका क्षेत्र का है। कोरोना वायरस के नए रूप स्ट्रेन से संक्रमित सभी लोगों को क्वारंटीन कर कांट्रेक्ट ट्रेसिंग शुरू की गई है। हालांकि इससे पहले बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकणी ने कहा था कि इंग्लैंड से मुंबई आए 26 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिसमें से 14 अब तक निगेटिव हो चुके हैं और 12 लोगों का इलाज चल रहा है। लेकिन, राहत की बात यह है कि इन कोरोना संक्रमित यात्रियों में से किसी में स्ट्रेन नहीं पाया गया है।  

कई राज्यों में खुल गए स्कूल-कॉलेज
सोमवार से कई महीनों के अंतराल के बाद कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज दोबारा खुलने शुरू हो गए हैं। स्कूलों को सुरक्षित तरीके से दोबारा खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मास्क का उपयोग अनिवार्य किया गया है। यह फैसला लंबे समय से महामारी के कारण 2020-21 शैक्षणिक सत्र की बाधित गतिविधियों और पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए लिया गया है। 

केरल और कर्नाटक में जहां कई स्कूल एक जनवरी को ही खुल गए थे, बिहार और पुडुचेरी में आज से स्कूल दोबारा खोले गए। बिहार के स्कूलो में 50 फीसदी उपस्थिति के साथ नौवीं से 12वीं की कक्षाएं चलाई जा रही हैं वहीं कॉलेजों में अंतिम वर्ष की कक्षाएं शूरू की गई हैं। उल्लेखनी है कि बिहार में स्कूली बच्चों को दो-दो मास्क वितरित करने का फैसला भी किया गया है।

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