उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी पहुंचे। इस दौरान नए स्पीकर हृदय नारायण दीक्षित के सम्मान में उन्होंने भाषण दिया। उन्होंने कहा, हृदय नारायण दीक्षित ने राजनैतिक और सामाजिक जीवन में सक्रियता के बाद भी जिस तरह से लेखन से समाज में योगदान दिया वह प्रेरित करने वाला है।
बताते चलें कि इससे पहले बीजेपी विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई थी। इसमें सर्वसम्मति से आदित्यनाथ योगी को नेता चुना गया। उनके प्रस्ताव मंत्री सुरेश खन्ना ने रखा।
विधानसभा में योगी ने अपने पहले भाषण में कहा-
> सदन को चर्चा का मंच बनाना है।
> हमारा लक्ष्य एक ही होना चाहिए।
> लोकतंत्र में भेदभाव न महसूस हो। किसो को न लगे कि भेदभाव हो रहा है।
> हमें विपक्षी दलों का भी सहयोग चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए उसके सहयोग की जरूरत है।
> उत्तर प्रदेश के आम जन की समस्यो को देखते हैं तो लगता है हम बहुत पीछे हैं। इसलिए यहां चर्चा-परिचर्चा का मंच बनाना है।
> जनता ने हमें भारी बहुमत से जिताया है और हमें उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना है।