बसंत पंचमी के मौके पर बुधवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया। यह बजट जहां मध्यम वर्ग को राहत देने वाला है। वहीं, वित्तमंत्री राजनीतिक पार्टियों और भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम कसने वाले प्रावधान लेकर आए हैं। पढ़िए बजट 2017 की 10 बड़ी बातें...
1. नोटबंदी की मार से पीड़ित मध्यम वर्ग को वित्तमंत्री ने बड़ी राहत दी है। नए प्रावधानों के तहत 3 लाख तक आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि 3 लाख से 3.50 लाख तक की आय वाले लोगों पर सिर्फ 2500 रुपये टैक्स का प्रावधान किया है। इसके साथ 5 लाख तक की आय पर टैक्स की दर 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है।
2. 5 लाख तक की आय वालों के लिए अब 1 पेज का सरल फॉर्म होगा, जबकि 50 लाख से 1 करोड़ तक की आय के लोगों के लिए 10 प्रतिशत का सरचार्ज लगेगा। इसके साथ ही वित्तमंत्री ने अप्रत्यक्ष कर और सर्विस टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया।
3. कालेधन के खिलाफ मोदी सरकार के अभियान को आगे बढ़ाते हुए वित्तमंत्री ने 3 लाख से अधिक के नकद ट्रांजेक्शन पर पाबंदी लगाने का प्रस्ताव रखा है। 1 अप्रैल 2017 से यह लागू होगा। यानी अब आप 3 लाख से ज्यादा कैश किसी से न ले सकते हैं, न दे सकते हैं। इसके लिए चेक या ऑनलाइन माध्यम का सहारा लेना होगा।
4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीतिक चंदे के भुगतान में पारदर्शिता की वकालत करते रहे हैं। वित्तमंत्री ने इस पर भी गौर किया। राजनीतिक पार्टियां अब 2 हजार रुपये कैश से ज्यादा चंदा नकद नहीं ले सकेंगी। मौजूदा समय में पार्टियां 20 हजार रुपये तक नकद चंदा ले सकती हैं।