भाजपा नेत्री मीनाक्षी लेखी ने किसान आंदोलन का समर्थन करने पर ग्रेटा थनबर्ग पर तंज किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, मैं भारत सरकार से ग्रेटा को बाल वीरता पुरस्कार प्रदान करने का प्रस्ताव करती हूं। ग्रेटा ने भारत को अस्थिर करने की साजिश का दस्तावेज टूलकिट अपलोड कर दिया है। यह देश की बड़ी सेवा है। एक जनवरी से शुरू हुई यह साजिश 26 जनवरी के घटनाक्रम तक पहुंची।
बता दें, तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए थनबर्ग ने इसमें मदद के इच्छुक लोगों के लिए एक ‘टूलकिट‘ साझा की थी। थनबर्ग ने ट्वीट किया था, अगर आप मदद चाहते हैं तो यह रही टूलकिट। इस टूलकिट ने लोगों की उस दस्तावेज तक पहुंच मुहैया कराई जिसमें प्रदर्शन को समर्थन करने के तरीकों के बारे में जानकारी थी।
इस दस्तावेज में तत्काल उठाए जाने वाले विभिन्न कदम थे, जिसमें ट्विटर पर ज्यादा से ज्यादा पोस्ट करना और भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करना शामिल है। कुछ लोगों ने इस ‘टूलकिट‘ को भारत में प्रदर्शनकारियों को भड़काने के लिए उनकी साजिश का प्रमाण बताया।लेखी ने ट्वीट किया, मैं ग्रेटा थनबर्ग को बाल वीरता पुरस्कार देने का प्रस्ताव करती हूं, जो भारत सरकार को उन्हें देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 1.1 से 26.1.21 तक भारत को अस्थिर करने के लिए एक साजिश रचने के बारे में सबूत प्रदान करने वाले दस्तावेज को अपलोड करके देश की बड़ी सेवा की है।
लेखी ने लिखा कि वह सिर्फ एक बच्ची हैं। मुझे उन लोगों पर तरस आता है जिन्होंने उनका नाम नोबेल ;पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया है। एक बच्चा टिकाऊ खेती बाड़ी, पराली जलाने या फसलों की विविधीकरण, जल संसाधन प्रबंधन को नहीं समझता है, उसे नामित नहीं किया जा सकता है। यह नागरिक समाज और विश्वसनीयता के लिए बुरा है।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
इस बीच दिल्ली पुलिस ने साजिश का टूलकिट तैयार करने वालों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस ने भड़काऊ ट्वीट करने के मामले में धारा 153ए और 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि एफआईआर में किसी का नाम नहीं है।
थनबर्ग ने नया ट्वीट किया
बहरहाल, इस बीच थनबर्ग ने एक नया ट्वीट किया है। उन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद किए गए अपने ट्वीट में लिखा कि मैं अभी भी किसानों और उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ खड़ी हुई हूं। नफरत, धमकी या मानवाधिकारों का उल्लंघन भी इसे नहीं बदल सकता है। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ हैशटैग फार्मर्स प्रोटेस्ट भी लिखा।