उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह, केरल के सबरीमला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले उसके फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किये जाने की तारीख पर मंगलवार को निर्णय करेगा ।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस.के. कौल की पीठ ने वकील मैथ्यूज जे नेदुम्परा की इस दलील पर विचार किया कि संवैधानिक पीठ के फैसले पर फिर से विचार की मांग कर रही उनकी याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
पीठ ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि 19 पुनर्विचार याचिकाएं लंबित हैं। हम कल तक फैसला करेंगे।’’ नेदुम्परा राष्ट्रीय अयप्पा श्रद्धालु संगठन की ओर से दाखिल याचिका पर वकील के तौर पर पेश हुए।
पांच सदस्यों वाली संविधान पीठ ने 4:1 के अनुपात से फैसला सुनाया था कि सबरीमला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी जाए।
बता दें कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद से ही महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश की कोशिश भी की लेकिन उन्हें रोक लिया गया। भगवान अयप्पा के भक्त, मंदिर के पुजारी, कई संगठन और पार्टियां इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और रैलियां भी निकाल रहे हैं।