राष्ट्रीय राजमार्गों पर 18 नवंबर की आधी रात तक टोल शुल्क नहीं देना होगा। केंद्र सरकार ने पूर्व की अंतिम तिथि 11 नवंबर को चार दिन के लिए और बढ़ा दिया है। नकदी के संकट के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्गों पर परिवहन को आसान बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। हजार और पांच सौ की नोटों पर पाबंदी के बाद से लोगों के पास नकद रकम की कमी हो गई है।
सरकार ने इस बारे में बीओटी और ओएमटी ऑपरेटरों समेत सभी पक्षों को निर्देश दे दिया है। केंद्र ने इसके पहले कहा था कि टोल प्लाजा पर पुराने नोट मान्य होंगे, लेकिन पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट नहीं होने के कारण राजमार्गों पर जाम और अफरातफरी की स्थित उत्पन्न हो गई। टोल शुल्क के रूप में लोग हजार और पांच सौ के नोट थमा रहे थे, लेकिन शुल्क वसूलने के पास लौटाने के लिए पैसे नहीं थे।
लिहाजा सरकार ने टोल शुल्क कुछ दिनों के लिए माफ कर दिया। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘हमने हालात की समीक्षा करने के बाद टोल शुल्क को नहीं वसूलने का फैसला किया। वसूली नहीं होने से होने वाले घाटे को केंद्र सरकार वहन करेगी।’