अब ट्रेनों में टॉयलेट साफ-सुथरा रहेंगे। रेलवे ट्रैक पर मलमूत्र भी नहीं गिरेगा। स्टेशनों पर सफाई होने से प्लेटफॉर्म पर खड़े होने वाले यात्रियों को बदबू भी नहीं सहनी होगी।
रेलवे के बेहतर सफाई के अभियान के क्रम में इस साल 500 कोच में बायोटॉयलेट लगाए जाएंगे। इनमें करीब 300 बायोटॉयलेट गोरखपुर कारखाना और न्यू वाशिंग पिट में लगाए जाएंगे।
पहले प्रयोग के तौर पर गोरखपुर में ट्रेनों के कोच में बायोटॉयलेट लगाए गए थे। कामयाबी मिलने के बाद अब इसका दायरा और बढ़ा दिया गया है। न्यू वाशिंग पिट में ही 133 कोच में बायोटॉयलेट लगा दिए गए हैं। इसके अलावा 148 बायोटॉयलेट मंगाए गए हैं जिन्हें लगाने की तैयारी चल रही है।