फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

LS: राजमार्गों के किनारे उपलब्ध कराई जा रही शौचालय की सुविधा, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लोकसभा में दी जानकारी

Tue, 04 Feb 2025 04:56 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर में कहा गया है कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने सूचित किया है कि संविधान की 7वीं अनुसूची के तहत स्वच्छता एक राज्य का विषय है और भारत के संविधान के 74वें संशोधन की तरफ से, जल और स्वच्छता सेवाओं के लिए शहरी स्थानीय निकायों को शक्ति का हस्तांतरण किया गया है। आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के माध्यम से राज्यों/ यूएलबी के प्रयासों को पूरक बनाता है।
विज्ञापन
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : X / @ChouhanShivraj
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लोकसभा को जानकारी देते हुए बताया कि, स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी टोल प्लाजा के पास पुरुष और महिला उपयोगकर्ताओं के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा का निर्माण किया जा रहा है और सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे हर 40-60 किलोमीटर पर सड़क किनारे सुविधाएं विकसित करना है। यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी का हवाला देते हुए एक लिखित उत्तर में दी।
विज्ञापन


'पुरुषों-महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय'
मंत्री ने अपने जवाब में कहा, 'जहां तक राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों के टोल प्लाजा के पास सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का सवाल है, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन के एक हिस्से के रूप में, 2015 से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकार क्षेत्र के तहत परियोजना खंडों पर टोल प्लाजा के पास/पर पुरुषों/महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है।'

राजमार्ग यात्रा एप्लिकेशन किया गया विकसित- शिवराज
मंत्री ने कहा, 'इसके अलावा, राजमार्ग (शौचालय/सार्वजनिक सुविधा सहित) पर किसी भी मुद्दे की रिपोर्ट करने के लिए लोगों को सशक्त बनाने के लिए हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं द्वारा उपयोग के लिए राजमार्ग यात्रा एप्लिकेशन विकसित किया गया है।' एनएचएआई ने अपने आंतरिक तंत्र के हिस्से के रूप में और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति में सुधार करने के लिए हाल ही में एनएचएआई वन एप्लिकेशन में शौचालय की सफाई के लिए मॉड्यूल का प्रावधान किया है, जिसमें शौचालयों का नियमित आधार पर निरीक्षण किया जाना है और उनकी सफाई की पुष्टि करने के लिए एआई उपकरणों का उपयोग किया जाता है।
विज्ञापन


'1,300 से अधिक शौचालय ब्लॉक पंजीकृत'
उत्तर में कहा गया है कि एनएचएआई वन एप्लीकेशन पर 1,300 से अधिक शौचालय ब्लॉक पंजीकृत किए गए हैं, ताकि उनकी सफाई की निगरानी की जा सके। टोलिंग एजेंसियों के अनुबंधों में शौचालय सुविधाओं के रखरखाव के लिए सेवा स्तर समझौते (एसएलए) की आवश्यकता का विस्तार से उल्लेख किया गया है, जिसके विफल होने पर प्राधिकरण की तरफ से प्रति माह हर गलती के लिए 1,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। अब तक टोलिंग एजेंसियों पर लगभग 46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।

राजस्थान में सबसे अधिक 58 वेसाइड सुविधाएं- शिवराज
मंत्री ने कहा कि एनएचएआई, राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के साथ लगभग 40-60 किलोमीटर के अंतराल पर वेसाइड एमिनिटीज (डब्ल्यूएसए) के विकास की परिकल्पना करता है। उन्होंने कहा, 'इन वेसाइड एमिनिटीज पर सार्वजनिक शौचालयों को अनिवार्य सुविधा के रूप में प्रावधानित किया गया है। वर्तमान में, देश भर में 455 डब्ल्यूएसए प्रदान किए गए हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों/एक्सप्रेसवे पर 90 डब्ल्यूएसए चालू हैं।' राजस्थान में सबसे अधिक 58 वेसाइड सुविधाएं हैं, उसके बाद हरियाणा और मध्य प्रदेश (48), गुजरात (45), उत्तर प्रदेश (44), पंजाब (35) और आंध्र प्रदेश (34) हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें