सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को एस्सार स्टील के लिए बोली लगाने की पात्रता के मामले में नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) द्वारा 7,000 करोड़ रुपये के भुगतान की समय की अवधि बढ़ाने के लिए आर्सेलर-मित्तल की याचिका पर बुधवार को सुनवाई के लिए तैयार हो गया।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने दूसरी बोली के लिए योग्य बनने हेतु मंगलवार तक 7,000 करोड़ रुपये के भुगतान के आदेश पर शीघ्र सुनवाई से इनकार कर दिया।
मंगलवार को पीठ ने कहा कि हम इस पर कल सुनवाई करेंगे। एनसीएलएटी ने पिछले बृहस्पतिवार को अपने फैसले में कहा था कि रूस के वीटीबी समूह के समर्थन से न्यूमेटल की दूसरी बोली योग्य थी। और उसने आर्सेनल-मित्तल को इसके लिए योग्यता प्राप्त करने के लिए 11 सितंबर तक अपनी दूसरी सहायक कंपनियों की बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था ताकि उस पर लगा बकायेदार का ठप्पा हट जाए।