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News Updates: केरल में शराब पर टैक्स घटाने के प्रस्ताव पर सियासत; थूथुकुडी में आंधी के कारण छह घायल

Sun, 21 Jun 2026 11:20 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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न्यूज अपडेट - फोटो : Amar Ujala
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हैदराबाद में NEET की तैयारी कर रही 19 साल की एक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि मियापुर के एक अपार्टमेंट में अपनी बहनों के साथ रह रही छात्रा ने शनिवार को कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस को छात्रा का लिखा हुआ एक नोट मिला है, जिसमें उसने कहा है कि उसकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। पुलिस को शक है कि आज हो रही नीट की दोबारा परीक्षा के दबाव को न झेल पाने के कारण उसने आत्महत्या की है।
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तमिलनाडु में भी नीट परीक्षा से पहले छात्र ने की आत्महत्या
नीट-यूजी परीक्षा से पहले तमिलनाडु के कृष्णागिरि में भी एक छात्र के कथित तौर पर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। यह दावा किया जा रहा है कि छात्र कथित तौर पर रविवार को होने वाली नीट परीक्षा में फेल होने के डर से तनाव में था। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जानकारी सामने आई कि 20 वर्षीय छात्र वेत्रियानंदम कृष्णागिरी जिले के होसुर इलाके का रहना वाला था। वह परिवार का छोटा बेटा था और पिता एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। बताया गया कि शनिवार दोपहर में जब उसकी मां दुकान गई हुई थीं। पिता काम के लिए घर से बाहर थे। उसी दौरान वेत्रियानंदम ने कथित तौर पर घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

छात्र पिछले तीन साल से नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह अब तक दी गई सभी परीक्षाओं में असफल रहा। रविवार को होने वाली नीट परीक्षा में फेल होने के डर से कथित तौर पर वह तनाव में था। छात्र का एक तथाकथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपने माता-पिता के लिए भावुक संदेश लिखा। छात्र ने अपने बहन और भाई के भविष्य को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। छात्र ने कथित सुसाइड नोट में लिखा कि नीट परीक्षा के डर से वह पिछले एक महीने से ठीक से सो नहीं पा रहा था। उसने अपनी मां, पिता और बड़े भाई के नाम लिखी चिट्ठी में कहा है कि इस बार भी फेल होने के डर से वह गलत फैसला ले रहा है।
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केरल में शराब पर टैक्स घटाने के प्रस्ताव पर सियासी घमासान
केरल में कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर टैक्स घटाने के सरकार के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.एम. सुधीरन ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन से इस प्रस्ताव को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला यूडीएफ के चुनावी वादों के खिलाफ है, जिसमें शराब और नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकने का संकल्प लिया गया था। वहीं, सीपीआई(एम) नेता के.टी. जलील ने इस मुद्दे पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब पर टैक्स कम करने के फैसले पर आईयूएमएल के 22 विधायकों ने कोई विरोध नहीं किया। जलील ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यूडीएफ सरकार पर शराब कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

दूसरी ओर, स्थानीय स्वशासन मंत्री के.एम. शाजी ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि यूडीएफ की नीति शराब की खपत कम करने की है। उन्होंने दोहराया कि आईयूएमएल और कांग्रेस दोनों शराब के खिलाफ हैं। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि टैक्स में कमी से शराब सस्ती होगी और युवाओं में इसकी खपत बढ़ सकती है। इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति में बहस लगातार तेज होती जा रही है।

छात्रा आत्महत्या मामले में ओडिशा मंत्री के भतीजे की गिरफ्तारी
ओडिशा के गंजाम जिले में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने राज्य के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना के भतीजे बिस्वजीत जेना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 20 वर्षीय छात्रा बीसीए की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार को वह अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी मिली थी। छात्रा के मामा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार बिस्वजीत जेना भी उसी कॉलेज में बीसीए का छात्र था और मृतका का कथित प्रेमी था। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। वैज्ञानिक टीम ने भी घटनास्थल से डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। मामले को लेकर विपक्षी बीजेडी ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

थूथुकुडी में आंधी के कारण छह घायल
तमिलनाडु के तूतीकोरिन (थूथुकुडी) में तेज आंधी के कारण एयरपोर्ट विस्तार कार्यस्थल पर लगी अस्थायी टिन की छतें उड़कर गिर गईं, जिससे छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे एक दिन पहले जिले में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में एक महिला की मौत और 26 लोग घायल हुए थे।

हैदराबाद- धमाके में एक अज्ञात व्यक्ति की मौत
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में मीरपेट पुलिस स्टेशन के इलाके में बडांगपेट में एक खुली जगह पर हुए धमाके में एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मामले की जांच कर रही हैं।
 

अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे पर पलटी निजी बस, एक व्यक्ति की मौत; कई घायल
अहमदाबाद जिले में रविवार को अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे पर एक निजी बस पलट जाने से एक यात्री की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, जिनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश जाट ने बताया कि यह दुर्घटना शाम करीब 7.30 बजे कोठ पुलिस थाना क्षेत्र के करियाना गांव के पास हुई, जब बस चालक ने कथित तौर पर स्टीयरिंग व्हील पर नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन पलट गया।

उन्होंने बताया कि निजी बस में सवार यात्री अहमदाबाद में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के बाद भावनगर लौट रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस में लगभग 25 यात्री सवार थे। इस दुर्घटना में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि तीन से चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि कई अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए ढोलका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान चलाया और यह सुनिश्चित किया कि घायलों को तुरंत निकाला जाए। एसपी ने आगे बताया कि दुर्घटना के सटीक कारण का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

सरेंडर वाहन की चोरी पर नहीं मांग सकते बीमा क्लेम
सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि यदि किसी वाहन मालिक ने ऋण नहीं चुका पाने के कारण अपना वाहन फाइनेंसर को सौंप दिया हो और बाद में उस वाहन की चोरी हो जाए, तो फाइनेंसर बीमा कंपनी से चोरी का दावा नहीं कर सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि वाहन का कब्जा मिलने मात्र से फाइनेंसर को बीमा पॉलिसी के तहत अधिकार नहीं मिल जाता। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) के फैसले में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए फाइनेंसर की अपील खारिज कर दी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि बीमा अनुबंध मूल रूप से बीमाधारक और बीमा कंपनी के बीच होता है। इसलिए बीमा राशि पर दावा करने का अधिकार भी उसी व्यक्ति के पास होता है, जिसके नाम पर बीमा पॉलिसी जारी की गई है। यदि पॉलिसी में फाइनेंसर को विशेष रूप से अधिकार नहीं दिया गया है, तो वह केवल वाहन अपने कब्जे में होने के आधार पर बीमा दावा नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वाहन वित्तपोषण और बीमा दो अलग-अलग कानूनी संबंध हैं। एक  ओर फाइनेंसर और वाहन मालिक के बीच ऋण संबंधी समझौता होता है, जबकि दूसरी ओर बीमा कंपनी और बीमाधारक के बीच बीमा अनुबंध होता है। दोनों को एक-दूसरे के समान नहीं माना जा सकता। ब्यूरो

बीमा दावा तय करते समय पॉलिसी की शर्तें होंगी निर्णायक
अदालत के सामने यह मामला उस वाहन से जुड़ा था जिसे मालिक ने फाइनेंसर को सौंप दिया था। बाद में वाहन चोरी हो गया और फाइनेंसर ने बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति की मांग की। हालांकि बीमा कंपनी ने दावा स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बीमा दावा तय करते समय पॉलिसी की शर्तों और बीमाधारक के अधिकारों को प्रमुखता दी जानी चाहिए। केवल यह तथ्य कि वाहन फाइनेंसर के कब्जे में था, उसे बीमा राशि का हकदार नहीं बनाता।
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केरल में मेडिकल टूरिज्म की आड़ में हो रही थी अंग तस्करी :ईडी
ईडी ने कहा कि केरलम में मेडिकल टूरिज्म की आड़ में एक अंग तस्करी गिरोह सक्रिय था, जो मुनाफा कमाने के लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे अंगदाताओं (डोनर्स) का शोषण करता था। ईडी ने पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकियों के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज करने के बाद हाल में अस्पतालों समेत प्रदेश के नौ स्थानों की तलाशी ली थी। इस दौरान अंग प्रत्यारोपण से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल सबूत और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड जब्त किए। साथ ही, अपराध की कमाई का पता लगाने के लिए आरोपियों की अचल संपत्तियों और बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। ईडी ने यह कार्रवाई पुलिस की ओर से गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद की। इस मामले में पुलिस ने अब तक छह एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी नजीब सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने कहा, यह गिरोह अंग दान और मेडिकल टूरिज्म की आड़ में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और अंगों की तस्करी में शामिल था।

अंग लेने वालों से 35 लाख वसूले
शुरुआती जांच से पता चला है कि मोहम्मद नजीब के व उनकी पार्टनर रशीदा एए ने अपनी कंपनी कल्लाथारस मेडिकल टूरिज्म प्राइवेट लि. के जरिये 2021 से 2026 के बीच यह रैकेट चलाया। एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क के जरिये, उन्होंने आर्थिक तंगी से जूझ रहे डोनर्स को निशाना बनाया और उन्हें 5 लाख से 15 लाख रुपये देने का लालच दिया जबकि अंग लेने वालों से 20 लाख से 35 लाख रुपये या उससे ज्यादा पैसे वसूले।

फर्जी दस्तावेज पर हो रहे थे ट्रांसप्लांट
अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध धंधे को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एर्नाकुलम के स्थानीय डीटीपी सेंटर और डिजिटल स्टूडियो में फर्जी परोपकार प्रमाण पत्र, जनप्रतिनिधियों के सिफारिशी पत्र, जाली पहचान पत्र (आधार व राशन कार्ड) और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी कागजातों के सहारे एर्नाकुलम के कई बड़े अस्पतालों में अवैध ट्रांसप्लांट प्रक्रियाएं पूरी कराई गईं।
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