असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को बताया कि जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची एक जुलाई से तीन दिवसीय असम दौरे पर आ सकती हैं। इस दौरे के दौरान उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर स्तरीय वार्ता करने की संभावना है। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है, जिसमें मुख्य रूप से आर्थिक और बुनियादी ढांचा सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यूरोपीय संघ के सहयोग से 'ब्लू वैली क्लस्टर - फ्रेगरेंसेज, फ्लेवर्स एंड आयुष' की पायलट परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच शिखर वार्ता की संभावना है। उन्होंने कहा, "यह भारत-जापान संबंधों में असम की भूमिका को और मजबूत करेगा।" यहां शिखर सम्मेलन की संभावना इस बात का संकेत देती है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत असम का महत्व बढ़ रहा है और यह एक प्रमुख हितधारक के रूप में उभर रहा है।
मणिपुर के कांगपोकपी में सुरक्षा स्वयंसेवक की गोली मारकर हत्या
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक 57 वर्षीय व्यक्ति की जंगल के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक को स्थानीय स्तर पर गांव सुरक्षा स्वयंसेवक (विलेज गार्ड) बताया जा रहा है। नगा समुदाय से संबंध रखने वाले चुंगजाबग्लुंग कामुगा पनमेई सोमवार सुबह जलावन लकड़ी इकट्ठा करने के लिए पास के जंगल में गए थे। स्थानीय लोगों के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनने के बाद ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने पनमेई की तलाश शुरू की। बाद में उनका शव जंगल में बरामद हुआ, जिस पर कई गोलियों के निशान थे। सिर पर भी गोली लगने के निशान मिले हैं।
यह गांव लोइबोल खुल्लेन के पास स्थित है, जहां 5 जून को हुए एक हमले में एक महिला समेत तीन नागरिकों की मौत हो गई थी। घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रहे हैं और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने, उकसावे में न आने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
इस बीच, नागा पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (एनपीओ) ने दावा किया कि पनमेई गांव सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में सेवाएं दे रहे थे और उनकी हत्या को निर्मम एवं सुनियोजित हत्या करार दिया।
तृणमूल नेता सब्यसाची दत्ता रंगदारी और धमकी के आरोप में गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से तृणमूल कांग्रेस नेता सब्यसाची दत्ता को मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उन पर रंगदारी और आपराधिक धमकी के आरोप हैं। बिधाननगर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष दत्ता को रायगाछी स्थित उनके आवास से पकड़ा गया। एक कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। कारोबारी ने पूर्व बिधाननगर महापौर पर रंगदारी का आरोप लगाया था। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में बारासात सीट से चुनाव लड़ा था, पर असफल रहे। दत्ता 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे, फिर कुछ साल बाद ममता बनर्जी की पार्टी में लौटे। उनकी गिरफ्तारी बिधाननगर के पूर्व विधायक सुजीत बोस की गिरफ्तारी के बाद हुई। सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय ने निकाय नौकरी घोटाले में जेल भेजा था।
स्टालिन के बयान पर डीएमके ने दी सफाई कहा- बयान सरकार गिराने के लिए नहीं था
चेन्नई में डीएमके ने पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन के उस बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने टीवीके (TVK) सरकार के तीन महीने से ज्यादा न टिकने की बात कही थी। वरिष्ठ नेता थंगम थेनारासु ने स्पष्ट किया कि स्टालिन का इरादा सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने या भंग करने का बिल्कुल नहीं है। स्टालिन ने रविवार को दावा किया था कि तमिलनाडु की मौजूदा सरकार शायद तीन महीने भी न चल पाए। उन्होंने पहले कहा था कि वह नई सरकार की छह महीने तक आलोचना नहीं करेंगे, लेकिन अब हालात उन्हें बोलने पर मजबूर कर रहे हैं। थेनारासु के अनुसार, स्टालिन का मतलब यह था कि सरकार इतनी अनिश्चित स्थिति में काम कर रही है कि उसका भविष्य खतरे में लग रहा है।
डीएमके ने राज्य की खराब कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि हर तरफ हत्या, लूट, नशीली दवाओं की तस्करी और यौन हिंसा की खबरें आ रही हैं। इसके अलावा बिजली कटौती और किसानों के विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं। थेनारासु ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के लोग ही आपराधिक घटनाओं में शामिल हैं। इन्हीं गंभीर हालातों को देखते हुए स्टालिन ने सरकार के टिकने पर संदेह जताया था।