त्रिपुरा व पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की कथित हत्या के विरोध में तमाम वामपंथी दल मंगलवार को संसद भवन के सामने धरना देंगे। इसमें केरल के मुख्यमंत्री पिनयारी विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और बंगाल के कई वरिष्ठ नेता व सांसद शामिल रहेंगे। माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य बिजन धर ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को दोनों राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन व रैलियां आयोजित की जाएंगी।
धर ने आरोप लगाया कि त्रिपुरा व बंगाल में लोकतंत्र व लोगों के अधिकार नामक कोई चीज नहीं बची है। दोनों राज्यों में कानूनहीनता की स्थिति पैदा हो गई है। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं के घरों पर सरेआम हमले कर रहे हैं। इस मामले पर देश का ध्यान आकर्षित करने के लिए ही संसद के सामने धरना देने का फैसला किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीते मार्च में राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से माकपा के चार नेताओं की हत्या हो चुकी है और हजारों समर्थकों पर हमले हुए हैं। त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लगभग 750 दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई है।