सरकार द्वारा 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने के बाद पुराने नोटों को बैंकों में जमा करने का शुक्रवार अंतिम दिन है। सरकार का मानना है कि अधिकतर लोगों ने अपने पुराने नोट जमा करा दिये हैं, इसलिए अंतिम दिन बैंकों में भीड़-भाड़ नहीं होगी।
तब भी, बैंक संभावित भीड़ के लिए तैयार है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस अवधि के बीत जाने के बाद भी लोगों को पुराने नोटों को जमा करने का कुछ वक्त मिलेगा, लेकिन उस स्थिति में रिजर्व बैंक जाना होगा।
ज्यादा वक्त इसलिए ताकि अफरातफरी न हो
बीते 8 नवंबर को जब नोटबंदी की घोषणा हुई थी, उसी समय सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि लोग पुराने नोटों को 30 दिसंबर 2016 तक बैंक खातों में जमा किया जा सकता है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि इतना वक्त इसलिए दिया गया है ताकि नोट जमा करने के लिए अफरातफरी न मचे। हालांकि शुरू में बैंकों के सामने खूब भीड़ लगी लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी है। उनके मुताबिक बैंकों से फीडबैक सामान्य मिला है, इसलिए वहां अंतिम दिन कोई विशेष इंतजाम नहीं करने को कहा गया है।
फिर भी बैंकों की है तैयारी
देश के सबसे बड़े, भारतीय स्टेट बैंक के एक सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि पुराने नोटों को जमा करने की लाइन अब छोटी हो गई है। लेकिन अंतिम दिन यदि सामान्य से ज्यादा भीड़ जुटेगी, तो उसका भी इंतजाम करके चल रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से बैंक में उपस्थित होने को कहा गया है, मतलब कोई छुट्टी नहीं होगी।
यदि पुराने नोट जमा कराने ज्यादा संख्या में लोग आए तो काउंटरों की संख्या में बढ़ोतरी कर दी जाएगी। यदि बैंक की तय समयावधि में पुराने नोट जमा नहीं हुए तो देर तक भी काम किया जा सकता है।पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके यहां भी स्थिति सामान्य हो चुकी है। यदि शुक्रवार को पुराने नोटों को जमा करने वालों की ज्यादा भीड़ हुई तो अतिरिक्त काउंटर बना दिए जाएंगे।