लोकसभा चुनाव के 5वें चरण में 7 राज्यों की 51 सीटों पर सोमवार को मतदान होगा। यह चरण भाजपा के लिए अभी नहीं तो कभी नहीं का मुकाबला है। 2014 में भाजपा ने 51 में से 39 सीटों पर अपने दम पर कब्जा किया था। राजग के सहयोगियों ने दो सीटें जीती थीं। इस चरण में सबसे बड़ी लड़ाई यूपी की 14 सीटों पर है, जहां सोनिया गांधी, राजनाथ सिंह, राहुल गांधी, स्मृति ईरानी सहित 5 केंद्रीय मंत्रियों और दो पूर्व सीएम-बाबूलाल मरांडी व अर्जुन मुंडा के भाग्य का फैसला होगा।
कांग्रेस के अस्तित्व का सवालः कांग्रेस यूपी की 80 सीटों में से रायबरेली और अमेठी में सिमटकर रह गई थी। इस बार, सपा-बसपा उम्मीदवार न उतरने से रायबरेली में सोनिया की राह आसान है, मगर अमेठी में स्मृति कड़ी टक्कर दे रही हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को साबित करना है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम संयोग नहीं थे। झारखंड व बिहार में भी कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां हैं। वहीं, प. बंगाल की जिन 7 सीटों पर मतदान है, उन पर टीएमसी से क्लीन स्वीप किया था।
यूपी की राह का गणित
यूपी की जिन 14 सीटों पर चुनाव है, उनमें अमेठी और रायबरेली से कांग्रेस ने जीती थी। बाकी सभी 12 सीटें भाजपा के पास हैं। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो अगर सपा-बसपा के वोट एक-दूसरे को ट्रांसफर हुए तो भाजपा की चुनौती बढ़ जाएगी। बीते चुनाव में कौशांबी सीट पर सपा-बसपा का संयुक्त वोट भाजपा के वोट से डेढ़ लाख से ज्यादा था। वहीं, बांदा में अंतर करीब 74 हजार, धौरहरा में 1.83 लाख, मोहनलालगंज में करीब एक लाख, सीतापुर में 1.5 लाख, बहराइच में 1259, कैसरगंज में 68 हजार था।
आज पूरा हो जाएगा 424 सीटों पर चुनाव
सोमवार को पांचवें चरण की वोटिंग के बाद 424 सीटों का मतदान पूरा हो जाएगा। पहले चार चरणों में 373 सीटों पर मतदान हो चुका है। छठवें और सातवें चरण में 59-59 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।