किसान संगठनों और केन्द्र सरकार के बीच में 15 जनवरी को बातचीत होगी। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इसका संकेत दे दिया है। बताते हैं विज्ञान भवन में किसान संगठनों से बातचीत का निर्णय कृषि मंत्री और केन्द्रीय गृहमंत्री के एक राय होने के बाद हो सका है। इसके बाद ऊहापोह की सभी स्थितियां समाप्त हो गई है। मंत्रालय के विश्वस्त सूत्र का कहना है कि 15 जनवरी के बातचीत का शेड्यूल केन्द्र सरकार ने तय किया था। इसलिए बातचीत की मेज पर न जाने से गलत संदेश जाएगा।
केन्द्र सरकार बातचीत से भागने का संदेश देने के बिल्कुल पक्ष में नहीं है। हालांकि बताते हैं कि पहले केन्द्र सरकार उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देश और चार सदस्यीय समिति के गठन को प्रमुखता से लेकर चल रही थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति के सदस्य और किसान नेता भूपिंदर सिंह मान के समिति से हटने के बाद नई पेचीदगियां खड़ी हो गई हैं। इसलिए केन्द्र सरकार को बातचीत के निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ा।