जम्मू और कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सेना पर हुए आतंकी हमले से मोदी सरकार की पाक-नीति सवालों के घेरे में है। सेना ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए इस हमले में देश के 18 जवान शहीद हो गए, जबकि अन्य 19 घायल हो गए। इस बीच शहीद हुए जवानों के परिजनों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
देश के लिए कुर्बान हो गया तो कोई फर्क नहीं, बहादुर था मेरा भाई....। ये शब्द हैं उस भाई के जिसके सगे भाई के प्राण कुछ घंटों पहले ही देश के दुश्मनों ने एक आतंकवादी हमले में ले लिए। लेकिन देशभक्ति का जज्बा शायद भाई के जीवन से भी बढ़कर था इसलिए चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी। लेकिन दिल में एक इच्छा जरूर है कि इस हमले को अंजाम देने वालों को उनके गुनाह के लिए माकूल सजा जरूर मिले।
हमले के बाद लोगों में रोष को देखते हुए अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल किया कि UriAttacks के बाद भारत सरकार को क्या करना चाहिए? इसमें पाठकों को तीन विकल्प दिए गए आतंकी शिविर नष्ट किए जाएं, दूसरा युद्ध ही एकमात्र विकल्प और तीसरा पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरा जाए।
कुल 7004 पोल में हिस्सा लिया जिसमें सबसे अधिक 55.23 फीसद यानी 3,868 पाठकों ने आतंकी शिविर को नष्ट करने पर वोट किया है। 29.51 फीसद यानी 2067 पाठकों ने माना की युद्ध ही एकमात्र विकल्प है और 15.26 फीसद यानी 1,069 लोगों ने माना की पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरा जाए।