समाज में ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और केंद्र सरकार को देशव्यापी सर्वेक्षण कराने और ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को बताया कि सर्वेक्षण का काम मार्च में शुरू हो चुका है। सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल मनिंदर ने सर्वेक्षण का काम पूरा करने के लिए और 12 हफ्ते का वक्त मांगा है। वहीं एम्स के वकील दुष्यंत पराशर ने कहा कि जैसे ही सर्वेक्षण का आंकड़ा आ जाएगा, उसके परीक्षण के बाद सरकार को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
पीठ ने एम्स और सरकार की दलीलों पर सहमति जताते हुए सुनवाई अगले वर्ष फरवरी के दूसरे हफ्ते के लिए टाल दी। पीठ ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं सरकार और एम्स हमारे पूर्व आदेशों का पालन करेंगे। शीर्ष अदालत जगदीश्वर रेड्डी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।