तमिलनाडु सरकार ने एक सरकारी आदेश जारी किया है। इसके तहत दिव्यांग व्यक्ति और उनके साथ जाने वाले लोग राज्य सरकार के परिवहन निगमों की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह सुविधा 'वेट्रि पयानम' योजना के तहत दी जाएगी।
मुफ्त यात्रा के लिए क्या दिखाना होगा?
मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को किराये में 100 फीसदी छूट मिलेगी। इसके लिए उन्हें तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी 16 अंकों वाला विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र (यूडीआईडी) दिखाना होगा।
किन बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा?
संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत, शहरों और कस्बों में चलने वाली सामान्य बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसमें कम ऊंचाई वाले तल की बसें, एक्सप्रेस बसें, सीमित स्टॉप वाली बसें (एलएसएस), डीलक्स बसें और सामान्य किराये वाली शहरों से बाहर चलने वाली बसें शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों में चलने वाली परिवहन सेवाओं में भी यह सुविधा मिलेगी। हालांकि, वातानुकूलित बसें इसके दायरे से बाहर रहेंगी। जो दिव्यांग व्यक्ति अकेले यात्रा नहीं कर सकते, वे अपने साथ एक सहायक को ले जा सकेंगे।
मुफ्त यात्रा का रिकॉर्ड कैसे रखा जाएगा?
आदेश में कहा गया है कि बस कंडक्टर यात्री का यूडीआईडी कार्ड जांचने के बाद शून्य रुपये का टिकट जारी करेंगे। इससे लाभार्थियों और उनके सहायकों की ओर से की गई यात्राओं के दस्तावेज रखे जा सकेंगे।
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क्या पुराने मुफ्त बस पास अब मान्य नहीं होंगे?
सरकारी आदेश के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले जारी किए गए मुफ्त बस पास कार्ड अब मान्य नहीं होंगे। नई व्यवस्था के तहत इनकी जगह यूडीआईडी कार्ड से जुड़ी व्यवस्था लागू की जाएगी।
योजना के लिए कितना बजट बढ़ाया गया?
राज्य सरकार ने पहले 2026-27 के बजट में बस किराये में छूट देने के लिए 95 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। अब योजना का विस्तार करने के लिए अतिरिक्त राशि मंजूर की गई है। इससे इस योजना के लिए कुल अनुमानित आवंटन बढ़कर 114 करोड़ रुपये हो गया है।
पहले किन लोगों को जारी होते थे कार्ड?
पहले लाभार्थियों को मुफ्त बस पास कार्ड जारी किए जाते थे। इनके जरिये वे अपने निवास स्थान से शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, पुनर्वास और चिकित्सा उपचार के लिए आने-जाने में 100 फीसदी मुफ्त यात्रा कर सकते थे।
दृष्टिबाधित लोगों को शहरों और अन्य बसों में 100 किलोमीटर के दायरे में बिना किसी शर्त के मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती थी। किराये में छूट की यह नई व्यवस्था सरकारी आदेश जारी होने की तारीख से लागू हो गई है।