तमिलनाडु भाजपा ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र की योजनाओं के हिंदी नामों को लेकर स्टालिन का सवाल अहंकार और अज्ञानता से भरा है। भाजपा ने कहा कि हिंदी देश की आधिकारिक भाषा है और इसे लेकर सवाल उठाना गलत है। भाजपा के तमिलनाडु प्रमुख प्रवक्ता नारायणन थिरुपथी ने स्टालिन के कई सवालों और आरोपों के जवाब अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दिए। थिरुपथी ने स्टालिन के हर आरोप पर तीखे सवाल उठाए और कहा कि मुख्यमंत्री को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले खुद के आसपास देखने की जरूरत है।
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हिंदी भाषा पर बयान को लेकर हमला
बता दें कि, सीएम स्टालिन ने एक दिन पहले पूछा था कि केंद्र सरकार सभी योजनाओं और कानूनों के नाम सिर्फ हिंदी और संस्कृत में ही क्यों रखती है? इसके जवाब में थिरुपथी ने कहा, 'अगर आप यह सवाल इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि आपको यह जानकारी नहीं कि भारत की आधिकारिक भाषा हिंदी है, तो यह आपकी अज्ञानता है। और अगर जानते हुए पूछते हैं, तो यह आपका अहंकार है।'
भ्रष्ट नेताओं को लेकर भाजपा का पलटवार
सीएम स्टालिन ने यह भी पूछा था कि भाजपा जिन नेताओं को भ्रष्ट कहती थी, वे पार्टी में आते ही साफ-सुथरे कैसे बन जाते हैं? इस पर थिरुपथी ने जवाब दिया, 'अगर भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं, तो अपने ही नेता और पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को देखिए, जो 'कैश फॉर जॉब' घोटाले में आरोपी हैं और अभी आपकी पार्टी में हैं। जवाब आपको खुद देना चाहिए।'
धर्म पर बयानबाजी को लेकर जवाब
सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार पर वैज्ञानिक सोच के खिलाफ अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। इस पर थिरुपथी ने पलटवार किया और कहा कि 'आप और आपके डिप्टी सीएम बहुसंख्यक समाज की आस्थाओं का मजाक उड़ाकर हिंदू धर्म और सनातन को अपमानित करते हैं। क्या यह केवल अल्पसंख्यक वोट बैंक राजनीति के लिए किया जा रहा है? क्या यह शर्मनाक नहीं?'
वोट चोरी और एसआईआर प्रक्रिया
बीते दिन सीएम स्टालिन ने भाजपा पर वोट चोरी के समर्थन का आरोप लगाया था। जिस पर थिरुपथी ने कहा, 'डीएमके ही वो पार्टी है जिसने बूथ कैप्चरिंग, नकली वोट जोड़ना, मूल वोटर हटाना और पैसे बांटकर वोट खरीदना जैसी राजनीति की। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से आपको डर इसलिए है क्योंकि यह सब बंद हो जाएगा।'
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राज्यपाल वाले मुद्दे पर भाजपा ने दिया जवाब
मुख्यमंत्री स्टालिन ने आरोप लगाया था कि भाजपा विपक्षी राज्यों में राज्यपालों का दुरुपयोग कर रही है। इस सवाल पर थिरुपथी ने पूछा, 'जब आप विपक्ष में थे, तब आप राज्यपाल से मिलने जाते थे, तब क्या आप कुछ हासिल करना चाहते थे? आज हम क्या हासिल करना चाहते हैं, इससे आपको दिक्कत क्यों?'
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी वाले बयान पर जवाब
सीएम स्टालिन ने आरोप लगाया था कि भाजपा जवाब देने की जगह प्रचार और भ्रम फैलाती है। थिरुपथी ने इस पर पूछा, आप ही तो व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के जरिए फॉक्सकॉन निवेश मामले में झूठी बातें फैला रहे थे। क्या आपको और जवाब चाहिए?' आखिर में भाजपा ने कहा कि स्टालिन किसी भी मुद्दे पर बहस से भाग नहीं सकते और उनके हर आरोप का जवाब उपलब्ध है।