टीएमसी युवा विंग की जलपाईगुड़ी यूनिट के अध्यक्ष सैकत चटर्जी को सोमवार को दो दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया। कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच की तरफ से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले की एक अदालत ने तृणमूल कांग्रेस युवा विंग के नेता को दो दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। दरअसल, टीएमसी नेता छह महीने पहले एक दंपति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया था।
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टीएमसी युवा विंग की जलपाईगुड़ी यूनिट के अध्यक्ष सैकत चटर्जी को सोमवार को दो दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया। कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच की तरफ से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सैकत चटर्जी ने सत्र न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
इस साल के अप्रैल में दंपति अपर्णा और उनके पति सुबोध भट्टाचार्य ने अपना जीवन समाप्त कर लिया था। उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें सैकत, जलपाईगुड़ी नगर पालिका के दो पार्षदों और उनके तीन सहयोगी को मौत का जिम्मेदार बताया गया। नोट में यह भी बताया गया कि टीएमसी के युवा नेता और उनके सहयोगियों ने अपर्णा पर लोगों को नौकरी का वादा करके धन इकट्ठा करने का गलत आरोप लगाया था। उन्हें एक खाली स्टंप पेपर पर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराया गया था।
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पुलिस ने इस मामले में पहले सैकत के सहयोगियों को गिरफ्तार किया। सोमवार को पुलिस वाहन में चढ़ने के दौरान सैकत चटर्जी ने निर्दोष होने का दावा किया और उन्होंने भाजपा पर फंसाने का आरोप लगाया था।