पश्चिम बंगाल के बजट पर टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि पूर्व सीएम ममता बनर्जी की तरफ से शुरू की गई सामाजिक कल्याण योजनाओं में राजनीतिक कारणों से कोई कटौती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अन्नपूर्णा योजना में 'पात्र महिलाओं' की परिभाषा स्पष्ट करने और मौजूदा लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ जारी रखने की मांग की।
पश्चिम बंगाल के नए बजट को लेकर टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा है कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई विकास और सामाजिक कल्याण योजनाएं बिना किसी कटौती के जारी रहें। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों, खासकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग को मिलता है। इसलिए इनमें किसी भी तरह की कमी नहीं की जानी चाहिए।
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VIDEO | On West Bengal's new budget, TMC MLA Kunal Ghosh (@KunalGhoshAgain) says, "We expect the state budget to ensure that the projects and social welfare schemes started by Mamata Didi continue without politically motivated cuts. These schemes benefit crores of people,… pic.twitter.com/batUe4M27m
अन्नपूर्णा योजना का जिक्र करते हुए उठाया सवाल
कुणाल घोष ने राज्यपाल के अभिभाषण में अन्नपूर्णा योजना का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि 'पात्र महिलाओं' से आखिर क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि अगर योजना में बहुत सख्त शर्तें लगाई गईं, तो बड़ी संख्या में महिलाएं इसके लाभ से वंचित हो सकती हैं। टीएमसी नेता ने मांग की कि सरकार पात्रता के नियमों को स्पष्ट करे और यह सुनिश्चित करे कि जो लोग अभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पा रहे हैं, उन्हें आगे भी बिना किसी बाधा के लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट आम लोगों, गरीबों और महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए, ताकि कल्याणकारी योजनाओं का फायदा सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।