भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के सनसनीखेज आरोपों के बाद संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे और उपहार लेने का विवाद सुर्खियों में बना हुआ है। आरोप तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे हैं। ऐसे में दोनों दलों के बीच भी तकरार हो रही है।
NIC से लोकेशन जारी करने की मांग
विवाद तूल पकड़ने के बीच शनिवार को महुआ मोइत्रा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर डाटा मैनेज करने वाली संस्था- नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) को सभी सांसदों की लॉगिन लोकेशन डिटेल के बारे में जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। एनआईसी को सत्यापित करना चाहिए कि क्या सांसद लॉगिन करते समय शारीरिक रूप से लोकेशन पर मौजूद थे।
दुबई में संसदीय आईडी का इस्तेमाल
अदाणी समूह पर हमला जारी रखते हुए, महुआ ने कोयला आयात से संबंधित कंपनी के खिलाफ आरोपों की सीबीआई जांच की भी मांग की। मोइत्रा ने उस समय प्रतिक्रिया दी जब भाजपा के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि जब दुबई में उनकी संसदीय आईडी का इस्तेमाल किया गया था तब महुआ भारत में थीं। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने जांच एजेंसियों को जानकारी का खुलासा किया था।
राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर लिखा कि अज्ञात विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के पास अदाणी समूह के शेयर होना एक बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, "यह एक ईमेल आईडी नहीं है जो हर पीए और हर सांसद की हर अनियंत्रित इंटर्न टीम के पास सार्वजनिक रूप से होती है और अपनी इच्छानुसार इसका इस्तेमाल करती है।"
डेटा लीक होने का तर्क नहीं चलेगा
सिलसिलेवार एक्स पोस्ट में महुआ मोइत्रा ने कहा, एनआईसी से अनुरोध है कि सांसदों के सभी विवरण सार्वजनिक करें, जिससे दिखाया जा सके कि लॉगिन के समय सांसदों के पीए, शोधकर्ता/प्रशिक्षु/कर्मचारी उस स्थान पर शारीरिक रूप से मौजूद थे। उन्होंने कहा कि एनआईसी को फेक डिग्री का इस्तेमाल और लीक होने जैसे तर्क नहीं देने चाहिए। विवरणों को अभी सार्वजनिक करें।
तृणमूल सांसद का चुप रहने से इनकार
पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोक सभा सीट से सांसद महुआ ने अदाणी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोयले की कीमतों के आरोपों पर सीबीआई को पहले अदाणी समूह की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा, वह "छह महीने तक चुप रहने" के "सौदे" को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थीं।
अदाणी पर 13 हजार करोड़ की चोरी के आरोप, सीबीआई एफआईआर दर्ज करे
महुआ के अनुसार, उन्हें जल्द होने वाले सीबीआई की छापेमारी के बारे में एक संदेश मिला है। वे फिलहाल दुर्गा पूजा में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा, "मैं सीबीआई को घर आकर मेरे जूतों की जोड़ी गिनने के लिए आमंत्रित करती हूं।" आक्रामक तेवर दिखा रहीं तृणमूल सांसद ने कहा, उनके घर छापेमारी से पहले अदाणी ने भारतीयों से जो 13,000 करोड़ रुपये का कोयला धन चुराया है, सीबीआई इस मामले में एफआईआर दर्ज करे।
महुआ की चेतावनी, एजेंसियों के इस्तेमाल का प्रयास न करें
संसद में सवाल के बदले नकदी लेने वाले आरोपों के सामने आने के बाद 15 अक्टूबर को महुआ ने कहा था, "अदाणी प्रतिस्पर्धा को मात देने और हवाईअड्डे खरीदने के लिए बीजेपी एजेंसियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन मेरे साथ ऐसा करने की कोशिश करें।" गौरतलब है कि महुआ के अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अदाणी समूह पर कोयला आयात के जरिए लोगों से 12,000 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने जांच की मांग की है।
अदाणी पर सवाल न करने के बदले नकदी लेने का आरोप
उन्होंने कहा, अज्ञात एफपीआई (फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट) के पास अदाणी के शेयर हैं जिनके बारे में सेबी जानकारी नहीं जुटा सका। अदानी को मुंबई हवाई अड्डे को खरीदने के लिए गृह मंत्रालय की मंजूरी मिल गई। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का असली सवाल है। उन्होंने कहा, 'माफ करें मिस्टर अदाणी, मैं दूसरी डील भी नहीं कर रही हूं, जहां मुझे आप पर हमला करने की इजाजत है, लेकिन पीएम पर नहीं।' उन्होंने आरोप लगाया, "अदाणी सवाल न करने के बदले नकदी देते थे। अब उन्हें सवालों के बदले नकद का नकली रूप बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।"
तृणमूल ने पूरे विवाद से दूरी बनाई
बता दें कि रियल एस्टेट-टू-एनर्जी ग्रुप हीरानंदानी के सीईओ दर्शन हीरानंदानी ने हाल ही में एक हस्ताक्षरित हलफनामे में दावा किया है कि महुआ मोइत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "बदनाम और शर्मिंदा" करने के लिए गौतम अदाणी को निशाना बनाया। इस पर टीएमसी महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "पार्टी के पास इस मुद्दे पर कहने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा, हमें लगता है कि जिस व्यक्ति के इर्द-गिर्द यह विवाद घूम रहा है, वही इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए सबसे उपयुक्त है।" एक अन्य वरिष्ठ टीएमसी नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि पार्टी नेतृत्व किसी विवाद में पड़ने को तैयार नहीं है और इसलिए "इससे दूरी बनाए रखेगा।"
तृणमूल के रूख पर भाजपा आक्रामक
भाजपा ने महुआ और तृणमूल कांग्रेस के रूख पर कहा, पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि टीएमसी हमेशा अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है जब भी उसके नेता गिरफ्तार होते हैं या मुसीबत में फंसते हैं। टीएमसी को साफ करना चाहिए है कि वह महुआ मोइत्रा का समर्थन करती है या नहीं।