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संसद में विपक्ष के साथ खड़ी हुई शिवसेना, नोटिस देकर आर्थिक संकट पर राज्यसभा में की चर्चा की मांग

Mon, 18 Nov 2019 04:38 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राज्यसभा में एम वेंकैया नायडू - फोटो : ट्विटर
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तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना समेत विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू को नोटिस देकर 'देश में आर्थिक संकट' पर चर्चा की मांग की है। विपक्षी पार्टियों की मांग है कि राज्यसभा में इस बिंदु पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

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विपक्षी राजनीतिक पार्टियों का कहना है कि देश में आर्थिक संकट की स्थिति है। इसमें सुधार कैसे हो, देश की अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत की जाए, इन बिंदुओं पर उच्च सदन में चर्चा जरुरी है। सदन को चर्चा के माध्यम से आर्थिक संकट का उपाय तलाशना चाहिए। 

मालूम हो कि सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है और राज्यसभा का यह 250वां सत्र है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(एनसीपी) और बीजू जनता दल(बीजद) की तारीफ करते हुए कहा कि ये दोनों दल ऐसे हैं जिन्होंने खुद में यह अनुशासन तय किया है कि विरोध में वेल (सभापति के आसन के सामने का एक विशेष हिस्सा) में नहीं जाएंगे। ऐसा करने से न तो हमारी राजनीति में कमी आई और न ही एनसीपी की।
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पीएम ने कहा कि हमें और तमाम पार्टियों को इनसे सीखना चाहिए कि वेल में न जाकर भी जनता का दिल जीता जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सदन का एक और लाभ भी है कि हर किसी के लिए चुनावी अखाड़ा पार करना बहुत सरल नहीं होता है, लेकिन देशहित में उनकी उपयोगिता कम नहीं होती है, उनका अनुभव, उनका सामर्थ्य मूल्यवान होता है। यदि हम राज्यसभा के 250वें सदन का विश्लेषण करें तो देखेंगे कि इसने कई विधेयकों को पास किया है जो आगे चलकर कानून बने हैं। जो देश में शासन को परिभाषित करते हैं।

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