भाजपा की वर्चुअल रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कहा है कि यह भाषण पश्चिम बंगाल को लेकर था और शाह के बयान हकीकत से कहीं दूर हैं। पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी ने कहा कि भगवा पार्टी ऐसे समय में भी वोट के लिए भूखी है जब राज्य कोरोना वायरस के साथ-साथ दूसरी आपदा चक्रवात अम्फान से हुए नुकसान से भी जूझ रहा है।
इससे पहले रैली को संबोधित करते हुए शाह ने बंगाल सरकार पर प्रवासी मजदूरों के प्रति उदासीनता दिखाने का आरोप लगाते हुए निशाना साथा था। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के राज्य में संचालन की अनुमति न देकर मजदूरों का अपमान किया। अब यही मजदूर साल 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल से जाना सुनिश्चित करेंगे।
विज्ञापन
केद्रीय गृह मंत्री ने इसके साथ ही राज्य में कथित तौर पर हो रही राजनीतिक हिंसा के मामलों पर भी ममता सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बंगाल में केवल एक ही उद्योग फल फूल रहा है और वह बम और अवैध हथियारों का उद्योग है। शाह के भाषण पर वरिष्ठ टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि शाह के भाषण में केवल बयानबाजी थी। बनर्जी ने सवाल किया कि वह भारत-चीन मुद्दे पर शांत क्यों हैं।
बनर्जी ने ट्वीट किया, 'जैसा कि हमेशा होता है, अमित शाह का भाषण में केवल बयानबाजी थी और कोई तथ्य नहीं था। बहरहाल, अब जब उन्होंने टीएमसी को बंगाल से बाहर करने के अपने सपने की बात की है, मैं उनसे एक बार फिर पूछना चाहूंगा कि चीनी कब हमारे क्षेत्र से बाहर जाएंगे?' बनर्जी ने इस ट्वीट में बंगाल रिजेक्ट्स अमित शाह (Bengal Rejects Amirt Shah) हैशटैग का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन
वरिष्ठ टीएमसी नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने भी ट्विटर पर अमित शाह को निशाने पर लिया। चटर्जी ने लिखा, 'ऐसे समय में जब राज्य कोरोना वायरस वैश्विक महामारी और प्राकृतिक आपता से जूझ रहा है, अमित शाह की प्राथमिकता बिलकुल साफ है। यह व्यक्ति (अमित शाह) केवल आपके वोट का भूखा है और कुछ नहीं।
वहीं, टीएमसी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, 'अमित शाह, जिन्होंने खुद भारत को खतरे में डाल दिया है, बंगाल की संस्कृति को दोबारा लाने की बात कर रहे हैं। क्या उन्हें यह याद नहीं है कि उनके (शाह) के आदमियों द्वारा क्षतिग्रस्त की गई विद्या सागर की प्रतिमा को ममता बनर्जी ने सही करवाया था।'