पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार से इस्तीफा देने वाले तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता सुवेंदु अधिकारी के संपर्क में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बना हुआ लेकिन पार्टी में उनके शामिल होने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर तृणमूल सांसद सौगत रॉय का कहना है कि शुभेंदु से बातचीत के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि सुवेंदु के भाजपा के कुछ नेताओं से अच्छे संबंध हैं लेकिन उनके पार्टी में शामिल होने को लेकर शर्तों पर बात होनी बाकी है। हालांकि भाजपा को उम्मीद है कि वह उसकी ही पार्टी में शामिल होंगे क्योंकि उनके पास विकल्प सीमित ही हैं। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि हम शुभेंदु के संपर्क में हैं लेकिन अभी उनके शामिल होने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ। अगले कुछ दिन में स्थिति साफ हो जाएगी।
ममता सरकार के परिवहन, जलमार्ग और सिंचाई मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले सुवेंदु ने अभी विधायक पद या फिर पार्टी से त्यागपत्र नहीं दिया है। भाजपा नेता का कहना है कि मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शुभेंदु का टीएमसी में बने रहना मुश्किल होगा। ऐसे में उनके पास नई पार्टी बनाने या फिर भाजपा या कांग्रेस में किसी एक दल में शामिल होने का ही विकल्प है। नया दल बनाने में पैसा और मानव संसाधन लगेगा। ऐसे में इस वक्त यह कदम उठाना थोड़ा मुश्किल है। साथ ही राज्य में कांग्रेस काफी कमजोर है। इसलिए उनका वहां जाना भी समझ से परे है। उनके सामने भाजपा ही एक विकल्प बचती है।
दूसरी ओर, वरिष्ठ तृणमूल नेता सौगत रॉय ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी से बातचीत के सभी दरवाजे खुले हुए है। उनसे चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व और शुभेंदु के बीच वार्ता होगी। पार्टी नेतृत्व ने रॉय को सुवेंदु को मनाने का जिम्मा सौंपा है। उन्होंने कहा कि अभी शुभेंदु की मां अस्वस्थ हैं। ऐसे में उनके स्वस्थ होने का इंतजार है। रॉय के कांठी से पार्टी सांसद और सुवेंदु के पिता शिशिर अधिकारी से अच्छे संबंध हैं।