ममता बनर्जी ने मोदी मैजिक का तोड़ अभिनेत्रियों को टिकट देकर निकालने की कोशिश की है। इसमें नुसरत जहान, मिमी चक्रवर्ती और शताब्दी राय प्रमुख हैं। इसके अलावा पूर्व अभिनेत्री और टीएमसी की सक्रिय सदस्य मुनमुन सेन भी शामिल हैं। सेन केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ आसनसोल सीट से चुनाव मैदान में होंगी। कांग्रेस से टीएमसी में शामिल हुईं मौसमी नूर पश्चिम बंगाल की मालदा सीट से चुनाव लड़ेंगीं।
इसी क्रम में विधायक सत्यजीत बिस्वास की पत्नी रूपाली बिस्वास रानाघाट से मैदान में होंगी। बालाघाट से अपता घोष, कृष्णानगर से महुआ मोइत्रा, बनगान से ममता बाला ठाकुर, ज्वायनगर से प्रतिमा मंडल, आरामबाग से अपूर्वा पोद्दार, माला राय, बीरभा सोरेन आदि महिलाएं लोकसभा चुनाव में अपनी अपनी सीटों से आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करेंगी।
इस अवसर पर ममता ने सभी राजनीतिक दलों को ललकारते हुए कहा है कि टीएमसी के पास 41 फीसद महिला उम्मीदवार हैं। राजनीतिक दल बात तो करते हैं बराबरी की, लेकिन महिला उम्मीदवारों को लेकर उनकी संकीर्ण सोच हमेशा आड़े आती है। उन्होंने कहा हमें इसकी घोषणा की जरूरत नहीं है। यह टीएमसी के लिए गर्व की बात है।
ममता की पार्टी पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड, उड़ीसा, अंडमान-निकोबार और असम से भी अपने उम्मीदवार उतारेगी। कभी ममता के खास और अब भाजपा में शामिल सांसद मुकुल राय ने महिलाओं को 41 फीसदी आरक्षण देने पर कहा कि बंगाल में ममता के खिलाफ लहर है। अभिनेत्रियों को टिकट देने पर उन्होंने कहा अभी सिनेमा शुरू हुआ है।
बनर्जी ने कहा कि जो वर्तमान सांसद इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे उन्हें पार्टी के कार्य में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जाधवपुर से सांसद सुगाता बोस चुनाव नहीं लड़ सकेंगे क्योंकि वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और विश्वविद्यालय से उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली है। इसके अलावा संध्या रॉय भी स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। बनर्जी ने बताया कि वरिष्ठ नेता सुब्रता बक्शी और उमा सोरेन पार्टी के लिए कार्य करेंगे।