बिहार में एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से 65 लाख लोगों के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए सांसद सुष्मिता देव ने कहा, जब असम में एसआईआर लागू होगा, तो 30 से 40 लाख लोगों के नाम कट जाएंगे। भाजपा से सावधान रहें।
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने शनिवार को बिहार में चल रहे एसआईआर की आलोचना करते हुए दावा किया कि यही प्रक्रिया अगले साल असम विधानसभा चुनाव से पहले दोहराई जाएगी और 30 से 40 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने देश में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि यह भाषा के आधार पर हो रही है तथा इसमें बंगालियों को निशाना बनाया जा रहा है।
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सुष्मिता देव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, एसआईआर के माध्यम से बिहार में जो हो रहा है, चुनाव आयोग उसे असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और सभी भारतीय राज्यों में दोहराएगा। विपक्ष हर दिन संसद में यह मुद्दा उठा रहा है क्योंकि एनडीए सरकार इस पर बहस की अनुमति नहीं दे रही है। सुष्मिता देव ने एसआईआर को "असंवैधानिक और अवैध" बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को किसी की नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है।
30 से 40 लाख लोगों के नाम कट जाएंगे- सांसद
असम से पूर्व लोकसभा सांसद ने जोर देकर कहा, चुनाव आयोग मुझसे मेरी नागरिकता के बारे में सवाल नहीं कर सकता। यह गृह मंत्रालय का काम और अधिकार क्षेत्र है। बिहार में एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से 65 लाख लोगों के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए देव ने कहा, जब असम में एसआईआर लागू होगा, तो 30 से 40 लाख लोगों के नाम कट जाएंगे। भाजपा से सावधान रहें।
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उन्होंने कहा कि भाजपा मतदाताओं के नाम हटाने के ऐसे हथकंडे फिर से अपना रही है क्योंकि उसे एहसास हो गया है कि उसका समर्थन कम हो रहा है। जिसमें असम भी शामिल है। जहां वह अगले साल लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने के लिए चुनाव लड़ेगी।
देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई की आड़ में बंगाली भाषी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। सिर्फ बंगाली भाषी लोगों को ही संदिग्ध बताया जा रहा है। ममता बनर्जी कह रही हैं कि लोगों के दस्तावेज जांचिए। वह यह नहीं कह रहीं कि अवैध बांग्लादेशियों को देश में रहने दिया जाए। टीएमसी की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में भाजपा को हराने के लिए विपक्षी एकता जरूरी है और उन्होंने कांग्रेस से इस संबंध में पहल करने का आग्रह किया।